क्या होता है कुमाऊं में दुर्कूण पलटना? शादी के दूसरे दिन दूल्हे का ससुराल जाना क्यों इतना जरूरी, जानिए

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Bageshwar News : उत्तराखंड के पहाड़ों पर विदाई के बाद जब दुल्हन पहली बार अपने पति के साथ मायके पहुंचती है, तो वहां दूल्हे का भी उसी तरह स्वागत किया जाता है, जैसे ससुराल में दुल्हन का होता है. कुमाऊं क्षेत्र में शादी रिश्तों और परंपराओं का खूबसूरत संगम है. इस रस्म के बाद बेटी के मायके आने-जाने में किसी प्रकार की झिझक नहीं रहती है. वह अपने मायके से हमेशा जुड़ी रहती है. पहाड़ों में आज भी लोग इस रिवाज को बड़े सम्मान और खुशी के साथ निभाते हैं.