पानीपत जिले में शनिवार को यमुना नदी में नहाते समय पिता-पुत्री की डूबने से मौत हो गई। दरअसल, परिवार की सबसे छोटी बेटी नहाते वक्त पानी में डूब रही थी। जिसे बचाते हुए पिता का संतुलन बिगड़ गया। इसके बाद दोनों पानी में डूब गए। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद पानी से दोनों को बाहर निकाला। बाहर निकाले के बाद दोनों को सिविल अस्पताल ले जाया गया। जहां चेकअप के बाद डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद दोनों के शवों का पंचनामा भरवा कर शवगृह में रखवा दिया गया। पुलिस मामले की आगामी कार्रवाई कर रही है। बिहार का रहने वाला है परिवार जानकारी के अनुसार, मृतक मनोज (45) मूल रूप से पटना (बिहार) के रहने वाले थे। वह पिछले कई सालों से अपने परिवार के साथ पानीपत में रह रहे थे। मनोज और उनके परिवार के अन्य वयस्क सदस्य पानीपत की ही एक निजी कंपनी में काम कर अपना गुजारा करते थे। शनिवार को छुट्टी होने के चलते परिवार के सभी सदस्य एक साथ समय बिताने और स्नान करने के लिए यमुना नदी के किनारे पहुंचे थे। छोटी बेटी को बचाने में बिगड़ा पिता का संतुलन प्रत्यक्षदर्शियों और पारिवारिक के लोगों के अनुसार, यमुना नदी में नहाते समय अचानक पानी की गहराई का अंदाजा न होने के कारण मनोज की छोटी बेटी कैरा (6 वर्ष) डूबने लगी। बेटी को पानी में डूबता देख पिता मनोज ने बिना अपनी जान की परवाह किए नदी में छलांग लगा दी। बेटी को बचाया, खुद तेज बहाव में बहे मनोज ने बेहद सूझबूझ और बहादुरी का परिचय देते हुए किसी तरह अपनी छोटी मासूम बेटी कैरा को पानी से बाहर निकाला और सुरक्षित किनारे पर पहुंचा दिया। लेकिन, अपनी लाडली की जान बचाते-बचाते मनोज खुद बुरी तरह थक चुके थे और किनारे के पास आते ही अचानक उनका संतुलन बिगड़ गया। वह खुद को संभाल नहीं पाए और तेज बहाव के कारण गहरे पानी की तरफ खींचते चले गए। पिता को डूबता देख बड़ी बेटी ने लगाई छलांग, दोनों डूबे अपने पिता को पानी में संघर्ष करते और डूबते देख किनारे पर खड़ी उनकी बड़ी बेटी चांदनी (13 वर्ष) से रहा नहीं गया। वह अपने पिता को बचाने के लिए तुरंत नदी में आगे बढ़ी। चांदनी तैरकर अपने पिता तक पहुंच भी गई और उन्हें पकड़ने का प्रयास किया लेकिन दोनों पानी के तेज बहाव में बह गए। दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद मिले शव हादसे के बाद मौके पर मौजूद परिवार के अन्य सदस्यों और राहगीरों में चीख-पुकार मच गई। तुरंत स्थानीय पुलिस और प्रशासन को मामले की सूचना दी गई। सूचना मिलते ही गोताखोरों की विशेष टीमों को मौके पर बुलाया गया। गोताखोरों ने तुरंत यमुना नदी के गहरे पानी में सर्च ऑपरेशन शुरू किया। करीब दो घंटे की बेहद कड़ी मशक्कत बाद गोताखोरों की टीम दोनों पिता-पुत्री को पानी के भीतर से बाहर निकालने में कामयाब रही। अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित किया नदी से बाहर निकालने के तुरंत बाद पुलिस और परिजनों की मदद से दोनों को बेहोशी की हालत में पानीपत के सिविल अस्पताल ले जाया गया। वहां एमरजेंसी वार्ड में तैनात डॉक्टरों की टीम ने जांच कर दोनों को मृत घोषित कर दिया।
पानीपत में यमुना नदी में डूबने से पिता-बेटी की मौत:छोटी बेटी को बचाते हुए हादसा; छुट्टी के दिन नहाने गए थे
