यूपी में पिछले एक सप्ताह से जारी तेज हवाओं और बारिश का सिलसिला थम गया है। मौसम विभाग के अनुसार, सोमवार को को कहीं भी आंधी-बारिश का अलर्ट नहीं है। मौसम शुष्क रहेगा। वहीं रविवार को प्रदेश के अधिकांश जिलों में तेज धूप रही। प्रयागराज सबसे गर्म शहर रहा। यहां 39.6°C तापमान दर्ज किया गया। इसके अलावा बांदा में 39.2°C, वाराणसी और आगरा में 38.5°C तापमान दर्ज किया गया। पिछले 24 घंटे की बात करें तो प्रदेश में कहीं भी बारिश नहीं हुई। हालांकि, 12 मई से मौसम फिर से बिगड़ेगा। एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। इससे बारिश का दौर फिर शुरू होगा। आंधी-तूफान और ओले जैसे हालात बनेंगे। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ के वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया- एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण 12 से 15 मई के बीच प्रदेश के पश्चिमी और पूर्वी यूपी के तराई इलाकों में मौसम बदलेगा। कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी होगी। अगले तीन-चार दिनों में तापमान में 6 से 8 डिग्री सेल्सियस तक की बढ़ोतरी दर्ज की जा सकती है। मौसम में उतार-चढ़ाव क्यों? मौसम विभाग का कहना है कि उत्तराखंड के पहाड़ों पर मौसम लगातार बदल रहा है। कहीं बर्फबारी तो कहीं बारिश हो रही है। वहीं, किसी-किसी दिन धूप के साथ मौसम साफ हो जा रहा है। अगले कुछ दिन ऐसे ही उतार-चढ़ाव के आसार हैं। इसका सीधा असर यूपी में दिख रहा है। पहाड़ों से आने वाली हवाएं मौसम को ठंडा बनाए हैं। बारिश के अनुकूल सिस्टम तैयार कर रही हैं। अगले 3 दिन कैसा रहेगा मौसम? इस साल मानसून में कम बारिश का अनुमान
निजी मौसम एजेंसी स्काईमेट वेदर ने इस साल के मानसून का पूर्वानुमान जारी किया है। इसके अनुसार, मानसून में बारिश सामान्य से 6% कम रह सकती है। जून से सितंबर तक मानसून के 4 महीनों में देश में बारिश का सामान्य औसत 868.6 मिमी. है। सामान्य से कम मानसून का मतलब है कि बारिश 90% से 95% के बीच रहेगी। एजेंसी ने 94% बारिश का अनुमान दिया है। जून में सामान्य बारिश होगी, लेकिन जुलाई से गिरावट शुरू होकर अगस्त और सितंबर में मानसून कमजोर पड़ेगा। खासकर अगस्त-सितंबर में बारिश की कमी ज्यादा रहने के संकेत हैं। यूपी में भी मानसून में कम बारिश होगी, वजह जानिए
जून से सितंबर के बीच उत्तर प्रदेश में भी सामान्य से कम बारिश होने की आशंका है। मौसम विज्ञान विभाग के महानिदेशक डॉ. एम महापात्रा ने बताया कि इस साल प्रशांत महासागर में ला नीना जैसी स्थितियां खत्म होकर अल नीनो की ओर बढ़ने के संकेत हैं। जो कम वर्षा का कारण बनेगी। यानी इस साल दक्षिण-पश्चिम मानसून के सामान्य से कमजोर रहने के संकेत हैं। साथ ही इस साल जनवरी-मार्च में उत्तरी गोलार्ध में बनी कम बर्फ भी मानसून को प्रभावित कर सकती है। अल-नीनो और ला-नीना के बारे में जानिए
यूपी में प्रयागराज सबसे गर्म, तापमान 39.6°C:कल से आंधी-बारिश का अलर्ट, ओले गिरेंगे; 5°C तक बढ़ेगा पारा
