Pithoragarh News : पहाड़ों में जनेऊ के समय साही के काटों का इस्तेमाल एक पुरानी परंपरा है. पहाड़ी लोग साही को शुभ और सुरक्षा का प्रतीक मानते हैं. इसके काटे हल्के काले, भूरे और सफेद रंग के होते हैं. कई लोग इन्हें मंदिर में रखते हैं और बच्चों के गले में लॉकेट बनाकर पहनाते हैं. मान्यता है कि इससे बच्चों की रक्षा होती है. पिथौरागढ़ के मोहन सिंह धानिक लोकल 18 से बताते हैं कि हमने बचपन से अपने बुजुर्गों को ये परंपरा निभाते देखा है.
जिसे देख भागते हैं शेर-तेंदुए, पिथौरागढ़ के लोग बनाते हैं उन काटों की लॉकेट, जानिए वजह
