रोहतक के सिविल अस्पताल में महिला डाटा एंट्री ऑपरेटर ने ड्यूटी चेंज करवाने को लेकर हुए विवाद में जहरीला पदार्थ निगल लिया। जिससे उसकी तबीयत खराब हो गई। महिला को तुरंत आपातकालीन विभाग में भर्ती किया गया, लेकिन महिला की हालत खराब होने के कारण उसे पीजीआई रेफर किया गया। इस मामले में सुसाइड नोट भी मिला है। महिला की पहचान गांव छोछी निवासी रेखा के रूप में हुई, जो डिस्पेंसरी में डाटा एंट्री ऑपरेटर के पद पर कार्य कर रही थीं। ड्यूटी बदलवाने को लेकर विवाद हुआ तो रेखा ने डिस्पेंसरी में रखा जहरीला पदार्थ निगल लिया, जिससे उसकी तबीयत खराब हो गई। इमरजेंसी में इलाज चल रहा महिला की हालत खराब होने पर सिविल अस्पताल के आपातकालीन विभाग में भर्ती करवाया गया। लेकिन महिला की तबीयत ज्यादा खराब हो गई। जिस वजह से उसे पीजीआई रेफर किया गया। महिला का पीजीआई की इमरजेंसी में इलाज चल रहा है। सुसाइड नोट में सुपरवाइजर समेत कई पर आरोप रेखा ने अपने सुसाइड नोट में सुपरवाइजर अमित, संदीप, जतिन, नोडल इंचार्ज सन्नी पर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने के आरोप लगाए। रेखा ने लिखा कि कल उसे आयुष्मान में ड्यूटी करने के लिए कहा था। 2 मई को जब वह आयुष्मान में ड्यूटी पर आई तो डॉ. हेमंत ने दोपहर 12 बजे कहा कि आपकी ड्यूटी नाइट में है। आपको नाइट में आना होगा। लिखा- रात को ड्यूटी पर नहीं आ सकती रेखा ने सुसाइड नोट में लिखा कि वह घर संभालने वाली अकेली महिला है और करीब 35 किलोमीटर दूर से आती हैं। रात को वह ड्यूटी करने के लिए नहीं आ सकती। जबकि रोस्टर में ड्यूटी रात को लगा रखी है। इस बारे में सिविल अस्पताल के मेडिकल सुपरीटेंडेंट डॉ. पुष्पेंद्र को भी बताया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। सुपरवाइजर पर परेशान करने का आरोप रेखा ने सुसाइड नोट में लिखा कि सुपरवाइजर ने धमकी दी कि अगर नाइट ड्यूटी नहीं करेगी तो तेरी हाजिरी नहीं लगेगी। नोडल इंचार्ज व सुपरवाइजर ने छुट्टी देने से भी इनकार कर दिया। दोनों एक दूसरे पर बात को टाल देते हैं। रेखा ने आरोप लगाया कि नोडल अधिकारी व सुपरवाइजर उसे परेशान कर रहे हैं, जिसके कारण उसे आत्महत्या करने पर विवश होना पड़ रहा है। अगर उसे कुछ हो जाता है तो उसके लिए सिविल अस्पताल का प्रशासन जिम्मेदार होगा। डॉक्टरों से नहीं हो पाया संपर्क इस मामले में सीएमओ डॉ. रमेश चंद्र से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन डॉ. रमेश चंद्र से संपर्क नहीं हो सका। वहीं, सिविल अस्पताल के एमएस डॉ. पुष्पेंद्र से भी संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन उनसे भी कोई संपर्क नहीं हो पाया। पुलिस मामले में कर रही जांच आर्य नगर थाना पुलिस ने बताया कि एक महिला द्वारा जहरीला पदार्थ निगलने की सूचना मिली थी। सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। महिला का अभी पीजीआई में इलाज चल रहा है। महिला के परिजनों की शिकायत पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
रोहतक सिविल अस्पताल में महिला कर्मचारी ने निगला जहर:सुसाइड नोट मिला; सुपरवाइजर समेत 4 पर प्रताड़ित करने का आरोप
