भाखड़ा के पानी पर इस बार नहीं होगी सियासत:डैम में 36 फुट ज्यादा पानी; अभी तक 75% यूज हुआ; पंजाब-हरियाणा में हो चुका विवाद

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हरियाणा और पंजाब के बीच पिछले साल भाखड़ा के पानी को लेकर चले विवाद के बाद इस बार प्रदेश के लिए राहत भरी स्थिति सामने आई है। भाखड़ा बांध में इस समय पानी का स्तर सामान्य से करीब 36 फुट अधिक है, जिससे हरियाणा के हिस्से के पानी को लेकर फिलहाल कोई संकट नहीं दिख रहा। इसी पृष्ठभूमि में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने शनिवार को अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर साफ किया कि गर्मी के मौसम में पेयजल आपूर्ति किसी भी हाल में प्रभावित नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रदेश के सभी हिस्सों में पीने का पानी प्राथमिकता के आधार पर उपलब्ध कराया जाए और जरूरत पड़ने पर टैंकरों से भी सप्लाई सुनिश्चित की जाए। पिछले साल हुआ था बड़ा विवाद पिछले साल गर्मियों में भाखड़ा के पानी के बंटवारे को लेकर हरियाणा और पंजाब के बीच तीखा विवाद सामने आया था। पानी की कमी के चलते दोनों राज्यों के बीच आरोप-प्रत्यारोप हुए थे और केंद्र तक मामला पहुंचा था। उस समय हरियाणा ने अपने हिस्से का पूरा पानी न मिलने का मुद्दा उठाया था।
इस बार स्थिति क्यों बेहतर अधिकारियों के मुताबिक, इस साल भाखड़ा में पानी की उपलब्धता अच्छी है और हरियाणा ने अभी तक अपने कोटे का केवल 75-76 प्रतिशत ही उपयोग किया है। इसका सीधा मतलब है कि आने वाले महीनों में भी पेयजल और सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध रहने की संभावना है। सीएम ने क्या दिए निर्देश मुख्यमंत्री नायब सैनी ने निर्देश दिए कि नहरों से जुड़े सभी जलघर और तालाब भरकर रखे जाएं। खराब ट्यूबवेल तुरंत ठीक किए जाएं। जरूरत पड़ने पर टैंकर से पानी सप्लाई की जाए। नहरों की सफाई और मरम्मत तेजी से पूरी की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में पानी की कमी नहीं आने दी जाएगी। आगे की रणनीति भी तैयार सीएम सैनी ने बताया कि किशाऊ समेत अन्य अंतरराज्यीय जल परियोजनाओं को लेकर जल्द ही केंद्र के जल शक्ति मंत्रालय और संबंधित राज्यों के साथ बैठक की जाएगी, ताकि भविष्य में पानी को लेकर किसी तरह का विवाद न हो।