कैथल में पुलिस विभाग से बर्खास्त किए गए हेड कांस्टेबल सुनील संधू ने अब अपनी बहाली के लिए डीजीपी हरियाणा को अपील की है। उन्होंने अपील में स्वयं को निर्दोष बताते हुए मांग की है कि उन्होंने नौकरी के साथ साथ समाजसेवा के कार्य किए हैं। ऐसा कोई काम नहीं किया, जिससे पुलिस की छवि खराब हुई हो और लोगों में पुलिस को लेकर कोई नकारात्मकता आई हो। ऐसे में उनकी नौकरी बहाल की जाए। एडीजीपी को की गई अपील हुई खारिज सुनील संधू ने बताया कि उनकी बर्खास्तगी के बाद उनको अपील के लिए समय दिया गया था। इस पर उन्होंने एडीजीपी को भी बहाली के लिए अपील की थी, लेकिन वह तथ्यों के अभाव में खारिज हो गई। अब उन्होंने डीजीपी को अपील कर मामले की तथ्यों के आधार पर जांच करने और नौकरी बहाली की मांग की है। उन्होंने कहा था कि उन पर बेबुनियाद आरोप लगाकर उन्हें टर्मिनेट किया गया है। संधू ने उम्मीद जताई है कि वे जल्द ही बहाल होंगे और नौकरी पर वापस लौटेंगे। जानिए क्या था मामला बता दें कि कैथल में तैनात हेड कॉन्स्टेबल सुनील संधू को पुलिस विभाग से बर्खास्त कर दिया गया। तत्कालीन SP उपासना ने बताया था कि सुनील संधू ने DSP पर धमकाने के आरोप लगाए थे, उन्हें इसकी शिकायत उच्च अधिकारियों को करने के बजाए सोशल मीडिया पर पोस्ट की। इससे पुलिस विभाग की छवि खराब हुई। इसमें नियमों को भी अनदेखा किया गया। इसके चलते उन पर यह कार्रवाई की गई। 9 सदस्यों को किया था लाइन हाजिर पोस्ट डालने के बाद सुनील संधू की बर्खास्तगी से पहले नशा मुक्ति टीम के 9 सदस्यों को लाइन हाजिर किया गया था। आरोप था कि सुनील संधू ने नशा मुक्ति अभियान के दौरान नशे के साथ आरोपियों को पकड़ने के वीडियो अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर डालते थे, जो कि नियमों के खिलाफ है। अनुशासनहीनता को लेकर सुनील संधू पर कार्रवाई की गई। अब सुनील को बर्खास्त किया गया है और वे घर पर रह रहे हैं।
कैथल में बर्खास्त पुलिसकर्मी सुनील की डीजीपी को अपील:नौकरी बहाली की मांग, एडीजीपी को की गई अपील हुई खारिज
