BJP नेत्री के बैंक वाइस चेयरमैन पर छेड़छाड़ के आरोप:बोलीं- केबिन में आकर पैर से पैर सटाकर बैठता, अश्लील हरकत करता; झज्जर में FIR

Spread the love

झज्जर में एक भाजपा नेत्री ने सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक के वाइस चेयरमैन पर छेड़छाड़, जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने और मानसिक उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। महिला की शिकायत पर महिला थाना पुलिस ने वाइस चेयरमैन के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। महिला भाजपा की अनुसूचित जाति सेल की प्रदेश कार्यकारिणी की सदस्य है। वह को-ऑपरेटिव बैंक में हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) के तहत कार्यरत हैं। उनका आरोप है कि वाइस चेयरमैन उसके केबिन में आकर अश्लील हरकतें करता है और पैर से पैर सटाकर बैठता है। साथ ही वह समझौते का दबाव भी बना रहा है। दैनिक भास्कर ने जब वाइस चेयरमैन से इस मामले में बात की, तो उन्होंने सभी आरोपों को निराधार बताया और कहा कि ये पूरी तरह बेबुनियाद हैं। जानिए महिला ने वाइस चेयरमैन पर क्या आरोप लगाए….. 2 साल से वाइस चेयरमैन परेशान कर रहे सेंट्रल को-ऑपरेटिव बैंक में कार्यरत महिला कर्मचारी ने बताया, “ मैं बैंक में पिछले 5 साल से कार्यरत हूं। बैंक के वाइस चेयरमैन तलाव गांव निवासी राजबीर देशवाल पिछले दो साल से मुझे परेशान कर रहे हैं। मेरी बेटी होने के बाद से ही वह मेरी अटेंडेंस पर नजर रख रहे हैं। बेटी के जन्म के एक महीने बाद भी मुझ पर दबाव बनाकर मुझसे अटेंडेंस लगवाई गई।” पैर से पैर टच कर बैठे, अश्लील हरकत की आरोप लगाया कि 31 मार्च को वह मेरे केबिन में आए और सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक वहीं बैठे रहे, जबकि वहां कोई पब्लिक डीलिंग नहीं होती। वह मेरे पास आकर पजामा ऊपर कर बैठे और पैर से पैर सटाने की कोशिश की। इसके बाद वह रोज मेरे केबिन में आने लगे। इस पूरी घटना की CCTV फुटेज भी मौजूद है। वह मेरे खिलाफ जातिसूचक शब्दों का भी इस्तेमाल करते हैं। इंटरकास्ट मैरिज को लेकर भी गलत कहा उन्होंने कहा- वह मेरी इंटरकास्ट मैरिज को लेकर भी आपत्तिजनक बातें करते हैं। कहते हैं कि इस तरह की शादी करने वाली लड़कियों की कोई इज्जत नहीं होती और वे ‘सरकारी’ हो जाती हैं। मैंने महिला थाने में शिकायत दी, लेकिन वहां मुझ पर समझौते का दबाव बनाया गया। यहां तक कि घर पर आकर पिस्टल दिखाकर मुझसे राजीनामा करने का दबाव बनाया गया और कहा गया कि वह नौ बार जेल जा चुका है। कोई कर्मचारी गवाह बनने को तैयार नहीं महिला ने कहा कि मैंने 9 अप्रैल को पुलिस कमिश्नर मैडम को शिकायत दी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। मैं मजिस्ट्रेट के सामने अपने बयान दर्ज कराना चाहती हूं। कोई भी कर्मचारी गवाह बनने को तैयार नहीं है, क्योंकि सभी को डर है कि कहीं उनकी नौकरी न चली जाए।” पुलिस चुप, अधिकारियों ने फोन नहीं उठाया पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, शिकायत की जांच के बाद महिला थाने में 15 अप्रैल 2026 को मुकदमा नंबर 17 दर्ज किया गया। फिलहाल इस मामले में अधिकारी कुछ नहीं बोल रहे। DCP धारना यादव को कॉल की, लेकिन उन्होंने रिसीव नहीं की। ACP दिनेश कुमार से भी संपर्क नहीं हो पाया। छुट्‌टी होने की वजह से वह अपने दफ्तर में भी नहीं मिले।