राजगढ़ जिले में 8 साल की बच्ची के बाल विवाह का मामला सामने आया है। भोजपुर थाना क्षेत्र के कुशलपुरा गांव में मंगलवार को बच्ची का विवाह 9 साल के बालक से कर दिया गया। यह घटना तब हुई जब एक दिन पहले ही प्रशासनिक टीम गांव में जांच करने पहुंची थी, लेकिन बाल विवाह को रोका नहीं जा सका। इस बाल विवाह का खुलासा बुधवार को तब हुआ जब हल्दी, मेहंदी और बारात की वीडियो रील सोशल मीडिया पर शेयर हो गईं। वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन हरकत में आया और जांच के लिए टीम भेजी। हलवाई,टेंटवाले समेत माता पिता पर केस दर्ज
मामले में पुलिस ने बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 की धारा 10 एवं 11 के तहत अपराध क्रमांक 120/2026 दर्ज किया है। इस मामले में माता-पिता सहित टेंट संचालक, घोड़ी संचालक, प्रिंटिंग प्रेस संचालक, हलवाई और पंडित को आरोपी बनाया गया है। गांव वालों ने प्रशासन की टीम को किया गुमराह
जानकारी के अनुसार, प्रशासन को बाल विवाह की सूचना पहले ही मिल गई थी। एक टीम गांव पहुंची भी थी, लेकिन गांव वालों ने दूसरे दूल्हे के बारे में गलत जानकारी देकर टीम को गुमराह कर दिया। इसके अगले ही दिन शादी संपन्न हो गई, जिससे प्रशासनिक निगरानी तंत्र की लापरवाही उजागर हुई है। बुधवार को एक और बाल विवाह रुकवाया
इसी बीच, करनवास थाना क्षेत्र से भी बाल विवाह का एक और मामला सामने आया है। यहां एक 9 वर्षीय बच्ची की सगाई कर उसकी शादी 26 अप्रैल को तय कर दी गई थी। परिजनों की जानकारी के बिना रिश्तेदारों ने यह निर्णय लिया था। इस मामले में ‘झगड़े’ के नाम पर 9 लाख रुपये की मांग भी सामने आई है। बच्ची के परिजनों ने इस संबंध में पुलिस और महिला बाल विकास विभाग से शिकायत की है। महिला बाल विकास अधिकारी श्यामबाबू खरे ने बताया कि टीम भेजकर मामले की जांच करवाई जा रही है। उन्होंने कहा कि जागरूकता अभियान लगातार चलाए जा रहे हैं, लेकिन चोरी-छिपे होने वाली घटनाएं एक बड़ी चुनौती बनी हुई हैं। भोजपुर थाना प्रभारी अजय यादव ने जानकारी दी कि मामले में एफआईआर दर्ज की जा रही है। उन्होंने कहा कि दस्तावेजों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
राजगढ़ में 8 साल की बच्ची का बाल विवाह:माता-पिता समेत पंडित, हलवाई,टेंटवाले पर केस, एक दिन पहले ही गांव पहुंची थी प्रशासन की टीम
