एजुकेशन रिपोर्टर|रांची झारखंड विधानसभा में पारित नए विश्वविद्यालय विधेयक 2025 ने राज्य की छात्र राजनीति में हलचल मचा दी है। विधेयक के पास होने के साथ विरोध भी जारी है। गुरुवार को छात्र आजसू और आदिवासी छात्र संघ के प्रतिनिधियों ने लोकतंत्र की हत्या और विवि की ऑटोनॉमी पर हमला बताते हुए मोरहाबादी कैंपस में प्रदर्शन किया। इस क्रम में विधेयक वापस लेने की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी भी की। प्रदेश अध्यक्ष ओम वर्मा और विवि अध्यक्ष विवेक तिर्की ने कहा कि पिछले सात वर्षों से झारखंड के किसी भी विश्वविद्यालय में छात्र संघ चुनाव नहीं हुए हैं। जबकि चुनाव के नाम पर हर साल शुल्क लिए जा रहे हैं। बताते चलें कि नए विधेयक में छात्र संघ का नाम स्टूडेंट काउंसिल है। प्रदर्शन और प्रतियां फाड़ने के बाद छात्र आजसू के प्रतिनिधि राज्यपाल सह कुलाधिपति से मिले और विधेयक के प्रावधानों का विरोध किया। कहा कि पहले की तरह विवि में छात्र संघ चुनाव कराया जाए। आदिवासी छात्र संघ ने भी मोरहाबादी कैंपस में विधेयक को लेकर विरोध-प्रदर्शन किया। छात्रों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपना आक्रोश व्यक्त किया। डीएसपीएमयू के अध्यक्ष विवेक तिर्की ने कहा कि यह निर्णय लोकतांत्रिक परंपराओं पर हमला है। आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है। इस मौके पर मुख्य रूप से अध्यक्ष विवेक तिर्की, दिनेश उरांव, लालेश्वर उरांव, आदित्य उरांव, समेत हज़ारों छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।
झारखंड विवि विधेयक 2025… स्टूडेंट्स काउंसिल नहीं, पहले की तरह कराया जाए छात्र संघ चुनाव
