हाथियों के आतंक से क्षतिग्रस्त 23 परिवारों को मिला 26 लाख से अधिक का मुआवजा

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उल्लेखनीय है कि बीते दिनों आनंदपुर प्रखंड के गोंदपुर, बुरुइन्चिंडा, रूंगीकोचा, बटमा, लोरपोंडा, ठियाटांगर, गुड़गांव, सतबमड़ी और गीतिउली सहित कई गांवों में जंगली हाथियों के झुंड ने जमकर उत्पात मचाया था। फसलें बर्बाद हुईं, मकानों को नुकसान पहुंचा और गीतिउली गांव की वृद्ध महिला बुधनी सोलंकी की हाथियों के कुचलने से मौत हो गई।

प्रभावित परिवारों ने आनंदपुर वन क्षेत्र कार्यालय में मुआवजे के लिए आवेदन जमा किए थे, जिसके बाद वन विभाग की टीम द्वारा जांच कर पात्र लाभुकों को क्षतिपूर्ति की स्वीकृति दी गई।

इस अवसर पर विधायक जगत मांझी ने कहा कि वन्यजीवों से होने वाली क्षति पर राज्य सरकार की ओर से सहायता की व्यवस्था है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि किसी भी प्रकार की प्राकृतिक या जीव-जंतुओं से जुड़ी दुर्घटना की स्थिति में संबंधित विभाग को समय रहते सूचित करें और तय प्रक्रिया अपनाएं, जिससे उन्हें शीघ्र राहत मिल सके।

विधायक ने यह भी जानकारी दी कि हाथी हमलों के अलावा बिजली गिरना, आगजनी, डूबने जैसी अन्य प्राकृतिक आपदाओं में भी सरकार की ओर से मुआवजा उपलब्ध कराया जाता है, यदि समय पर सूचना दी जाए।

मौके पर आनंदपुर के रेंजर तरुण कुमार सिंह, फॉरेस्टर आलोक तुबीद, झामुमो नेता संजीव गंताइत, राजू सिंह, पिंटू जैन, आशीष गंताइत सहित वन विभाग के कई अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद थे।