कटिहार में मकान नंबर 82 को लेकर सियासी संग्राम:कांग्रेस ने 197 वोटर होने का लगाया आरोप, प्रशासन ने बताया भ्रामक

कटिहार में मकान नंबर 82 को लेकर सियासी संग्राम:कांग्रेस ने 197 वोटर होने का लगाया आरोप, प्रशासन ने बताया भ्रामक

कटिहार नगर निगम क्षेत्र के वार्ड संख्या 37, बिनोदपुर स्थित मकान संख्या 82 को लेकर सियासत गरमा गई है। कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर दावा किया कि 20 साल से बंद पड़े इस मकान में 197 वोटर दर्ज हैं। इस पोस्ट के बाद प्रशासन से लेकर सियासी गलियारों तक हलचल तेज हो गई। प्रशासन ने बताया दावा भ्रामक कटिहार जिलाधिकारी मनेश कुमार मीणा ने जांच के बाद कांग्रेस के दावे को भ्रामक और तथ्यहीन करार दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि हर मतदाता का सत्यापन बीएलओ (BLO) द्वारा उनके पते पर जाकर किया जाता है। ड्राफ्ट रोल तैयार होने से पहले एड्रेस वेरिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी की जाती है। “197 वोटर” जैसी शाखाएं केवल भ्रम फैलाने की कोशिश हैं। पड़ोसी ने भी खारिज किया कांग्रेस का दावा स्थानीय निवासी मुन्ना रमानी ने कहा कि मकान संख्या 82 पिछले चार साल से बंद जरूर है, लेकिन मकान मालिक का परिवार बरौनी/बेगूसराय में रहता है और आते-जाते रहते हैं।उन्होंने बताया कि मालिक की तबीयत खराब चल रही है, इलाज बेगूसराय में हो रहा है। इस मकान को 20 साल से बंद बताना सच नहीं है। भाजपा का कांग्रेस पर पलटवार भाजपा के वरिष्ठ नेता चंद्रभूषण ठाकुर ने कांग्रेस पर भ्रम फैलाने और चुनाव आयोग को बदनाम करने का आरोप लगाया।उन्होंने कहा कि “कांग्रेस और राजद जनता के मन में गलतफहमी पैदा कर रहे हैं। कांग्रेस लीडर ने बिना तथ्य जांचे सोशल मीडिया पर भ्रम फैलाने वाली पोस्ट की। यह विपक्ष का चुनावी स्टंट है, ताकि लोगों के मन में चुनाव आयोग की विश्वसनीयता पर सवाल उठे।” कांग्रेस ने दोबारा उठाए सवाल कांग्रेस नेताओं ने जांच के बाद प्रेस वार्ता में कई और उदाहरण दिए बूथ संख्या 222, मकान संख्या 82 में 197 वोटर। बूथ संख्या 223, मकान संख्या 15 (कांग्रेस आईटी सेल प्रदेश सचिव नितिन सिंह का घर) – यहां 86 वोटर दर्ज। कई मकानों में “मकान संख्या जीरो” या केवल मोहल्ला/वार्ड का नाम अंकित। बूथ संख्या 105, मिर्चाईबारी मस्जिद रोड में राकेश कुमार (कांग्रेस नेता) के परिवार के मकान में अलग-अलग नंबर दर्ज। कांग्रेस नेताओं ने चुनाव आयोग से मांग की कि इन विसंगतियों को तुरंत सुधारा जाए ताकि मतदाताओं को दिक्कत न हो।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *