कार्यशाला में नैनीताल, हल्द्वानी, भीमताल, भवाली व घोड़ाखाल क्षेत्र के लगभग 18 शिक्षण संस्थानों से 40 से अधिक अध्यापकों ने भाग लिया। वक्ताओं ने पर्यावरण संरक्षण और संसाधनों के विवेकपूर्ण उपयोग पर विस्तृत जानकारी साझा की। समापन सत्र में विद्यालय के प्रधानाचार्य ने सभी शिक्षकों और प्रधानाचार्यों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समय-समय पर ऐसी कार्यशालाएं आवश्यक हैं।
इससे अध्यापकों की क्षमता में वृद्धि होती है और विद्यार्थी नये प्रयोगों से परिचित होकर विषयों को रुचिकर ढंग से सीखते हैं। उन्होंने रिसोर्स पर्सन अभिषेक मित्तल और मनमोहन जोशी को सफल संचालन हेतु धन्यवाद दिया।