समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने केंद्र और राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि देश में “अमृतकाल नहीं, बल्कि संकटकाल” चल रहा है। समाजवादी पार्टी अब गांव-गांव जाकर डॉ. भीमराम अम्बेडकर की जयंती मनाएगी और संविधान पर चर्चा करेगी। अखिलेश ने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार संविधान को कमजोर करने की कोशिश कर रही है और लोकतंत्र की जगह “एकतंत्र” लाना चाहती है। यह अमृतकाल नहीं है, यह सनातनियों का संकटकाल चल रहा है। संत मारे जा रहे हैं, संतों की हत्याएं हो रही हैं, उनका अपमान किया जा रहा है। अखिलेश ने शुक्रवार को लखनऊ स्थित पार्टी कार्यालय में लोहिया वाहिनी और छात्रसभा, मुलायम सिंह यूथ ब्रिगेड सहित अन्य संगठन के जिला स्तरीय पदाधिकारियों की बैठक बुलाई थी। इसी अवसर पर वे मीडिया से मुखातिब थे। भाजपा सौदागर की तरह काम कर रही अखिलेश यादव सपा कार्यालय में मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि हम समाजवादी लोग बाबा साहब भीमराव अंबेडकर के दिए हुए संविधान, डॉ लोहिया के दिखाया हुए रास्ते और नेताजी के आदर्शों पर चलकर समाजवादी व्यवस्था लागू करना चाहते हैं। दूसरी ओर भाजपा की सरकार है, जो सौदागर की तरह काम कर रही है। हर चीज बेच रही है। उनका लक्ष्य केवल मुनाफा कमाना है। उनके भ्रष्टाचार की वजह से महंगाई बढ़ रही है। निवेश से कितने रोजगार मिले, ये आंकड़े नहीं बताएंगे
नौजवानों को सिर्फ बड़े-बड़े निवेश के सपने दिखाए गए। पढ़े-लिखे नौजवानों के हाथों में रोजगार नहीं है। सरकार से पूछो कि निवेश से कितने रोजगार के अवसर बने, तो आंकड़े नहीं बताते। यह संविधान से चलने वाले वाले लोग नहीं हैं। यह मन विधान से चलने वाले लोग हें। हम लोग लोकतंत्र को मजबूत करना चाहते हैं। संविधान हमारा रक्षक है। संविधान हमारी बुनियाद है। उसी बुनियाद को यह संस्थाओं के माध्यम से हिलाना चाहते हैं। उसको कमजोर करना चाहते हैं। हम पीडीए के लोग एकजुट होकर 2024 की तरह भाजपा का मुकाबला करेंगे और 2027 की विधानसभा में हराएंगे। उत्तर प्रदेश में समाजवादी सरकार बनाकर एक बार फिर विकास को गति देंगे। जापान घूम आए, लेकिन कुछ नहीं सीखा
अखिलेश यादव ने सीएम योगी के जापान दौरे पर तंज कसा। कहा कि ये लोग जापान घूम आए, लेकिन वहां से भी कुछ नहीं सीखा। कम से कम जापान देखकर सरकार की आंखें तो खुल जानी चाहिए थी, लेकिन ऐसा लगता यह है कि जापान देखने के बाद आंखें बंद हो गई हैं। हमारे प्रदेश में एक खास वनस्पति हर जगह पकड़ी जा रही है। लगता तो प्रदेश में वनस्पति का कहीं रिसर्च सेंटर ना खुल जाए। पता ही नहीं चलता कि असल में है कि असर से है। स्वास्थ्य विभाग वेंटिलेटर पे और कानून व्यवस्था की हत्या कर दी है
क्योटो (गोरखपुर) का हाल आपने देखा ही होगा कि किस तरह वहां गोली चल रही है। मुख्यमंत्री की नगरी में उन्हीं के सांसद, उन्हीं के नेता सरकार पे और सरकार के सबसे करीब लोगों के ऊपर आरोप लगा रहे हैं। उनके एक राज्यसभा सांसद ने तो यहां तक कह दिया कि पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिला तो सरकार का डैश-डैश-डैश कर देंगे। आप सोचिए, इस सरकार में कानून व्यवस्था चौपट हो चुकी है। शिक्षा विभाग को खत्म कर दिया है। प्राइमरी एजुकेशन को खत्म कर दिया। स्वास्थ्य का हाल तो हम लोग देख ही रहे हैं। एंबुलेंस में लोगों की जान जा रही है। गलत ऑपरेशन हो रहे हैं। जो जिंदा हैं, उन्हें मुर्दा घर ले जा रहे हैं। अब तो हद पार हो गई, जानवर वाला इंजेक्शन आदमी के लिए खरीद ली। इससे बड़ा नेगिंजेंस मेडिकल क्षेत्र में क्या हो सकता है? स्वास्थ्य विभाग ही वेंटिलेटर पे है। और कानून-व्यवस्था की सरकार ने हत्या कर दी। हम समाजवादी प्रोग्रेसिव और पॉजिटिव होकर प्रचार करेंगे
अखिलेश यादव ने कहा कि हम सब नौजवान मिलकर और टेक्नोलॉजी का साथ लेकर इस सरकार को हराएंगे। हम कहीं भी नकारात्मक प्रचार नहीं करेंगे। हम पीडीए के लोग हैं, तो पॉजिटिव और प्रोग्रेसिव होकर आगे बढ़ेंगे। उनकी नेगेटिविटी उनके चेहरे पर आने लगी है। अब तो सरकार के दिन ही कितने बचे हैं। इसके बाद तो भारतीय जनता पार्टी को जाना है। इसी वजह से आपने देखा होगा कि कुछ मंचों पर झगड़ा, अंदर झगड़ा, और अंदर झगड़ा सब शुरू हो गया है। इसलिए मैं अपने कैडर और संगठन के लोगों से कहूंगा कि समाजवादी विचारधारा को मजबूत बनाएं। साथ मिलकर हम लोग इनका मुकाबला करेंगे। बेटियां सरकार के खिलाफ सड़क पर हैं
अखिलेश यादव ने महिला हेल्पलाइन में कार्यरत बेटियों के मानदेय का भी मुद्दा उठाया। कहा कि इस सरकार के खिलाफ आवाज उठाने वाले देशद्रोही करार दिए जाते हैं। सरकार अपने खिलाफ उठने वाली हर आवाज दबाना चाहती है। डायल-100 की बेटियों ने महज 600 रुपए बढ़ाने के लिए आंदोलन किया, फिर भी सरकार ने कोई सुनवाई नहीं की। अब एक बार फिर ये बेटियां सड़क पर हैं। ये कैसी सनातनी सरकार है जो हमारी महिलाओं को अपमानित कर रही है। हम अपील करते हैं कि आधी आबादी इस सरकार के खिलाफ एकजुट होकर हम समाजवादियों का साथ दें। अभिनव स्कूल का पायलट प्रोजेक्ट बंद कर दिया
अखिलेश यादव ने कहा कि समाजवादियों ने हमेशा पढ़ाई के क्षेत्र में गैर-बराबरी खत्म करने पर जोर दिया। इंफ्रास्ट्रक्चर एक नहीं कर सके तो पढ़ाई और कोर्स को एक करने की दिशा में काम शुरू किया। प्राइमरी स्कूलों की खराब हालत देखकर ही सपा सरकार में अभिनव स्कूल का पायलट प्रोजेक्ट लखनऊ और सैफई में शुरू किया गया था। पूरे प्रदेश में ऐसे स्कूल बनाने की तैयारी थी, लेकिन इस सरकार ने इस पर ध्यान ही नहीं दिया। समाजवादी सरकार ने क्वालिटी एजुकेशन के लिए लैपटॉप बांटे थे। कोविड काल में सबसे ज्यादा मददगार सपा सरकार द्वारा दिए गए लैपटॉप साबित हुए। BJP शिक्षा नहीं, अंधविश्वास बढ़ाना चाहती है
अखिलेश ने आरोप लगाया कि भाजपा शिक्षा को आगे नहीं बढ़ाना चाहती। वह समाज को रूढ़िवादी और अंधविश्वासी बनाए रखना चाहती है। पढ़े-लिखे लोग सवाल करेंगे, इसलिए सरकार पढ़ाना नहीं चाहती। संस्कृति स्कूल का उदाहरण उन्होंने कहा कि दिल्ली में इस स्कूल की बड़ी प्रतिष्ठा है, जल्दी इसमें प्रवेश नहीं मिल पाता है। हमनें लखनऊ में संस्कृति स्कूल बनाया, लेकिन मौजूदा सरकार ने उसकी हालत खराब कर दी। ग्रीन कॉरिडोर को बर्बादी वाला कॉरिडोर बताया
अखिलेश ने लखनऊ के ग्रीन कॉरिडोर को ‘बर्बादी वाला कॉरिडोर’ बताया। कहा कि पूरी सड़क पहले से बनी थी, सिर्फ चौराहों पर 100-100 मीटर रोड जोड़कर इसे ग्रीन कॉरिडोर कह दिया गया। गलत डिजाइन की वजह से हर चौराहे पर बैरिकेडिंग लगानी पड़ रही है। तंज कसते हुए बोले, “लगता है मुख्यमंत्री जी ने खुद इसका डिजाइन किया है। कन्नौज परफ्यूमरी पार्क रोकने और गोमती रिवर फ्रंट को अधर में छोड़ने पर निशाना साधा। कहा, “इन्हें सुगंध नहीं, दुर्गंध पसंद है। वाटर मेट्रो पर तंज कसते हुए कहा कि जो सरकार मेट्रो को 10 साल में 1 इंच तक नहीं बढ़ा पाए, वे अब गोमती में वाटर मेट्रो चलाने की बात कर रहे हैं। इनसे विकास की कोई उम्मीद मत कीजिए। अखिलेश ने EVM को लेकर फिर सवाल उठाए। कहा कि जर्मनी, अमेरिका, जापान जैसे देशों में बैलेट से वोटिंग होती है। जर्मनी में EVM को असंवैधानिक माना जाता है। समाजवादी सरकार बनने पर बैलेट पेपर की तरफ लौटेंगे। उन्होंने विवि में छात्रसंघ की बहाली का भी समर्थन किया। राजभर ने अखिलेश पर किया पलटवार यूपी सरकार के कैबिनेट मंत्री ओपी राजभर ने अखिलेश यादव के बयान पर पलटवार किया। कहा- अखिलेश ने लोकसभा चुनाव में बाबा साहब अंबेडकर के संविधान को खत्म करने का झूठा प्रचार किया। जिसका उन्हें फायदा भी मिला। यह वही सपा है, जिसने दलित का प्रमोशन में आरक्षण खत्म किया था। दलितों के नाम पर जिले, यूनिवर्सिटी का नाम बदलने का काम किया था। सपा राज में दंगे होते थे, जिसमें दलित मारे जाते थे। सपा के गुंडे दलितों की जमीन कब्जाते थे। सपा की सरकार में एक जाति का बोलबाला होता है। वोट देने वाले मुसलमानों को किनारे किया जाता था। सपा में जो मुसलमान नेता है, कोई कह नहीं सकता कि PDA में हम भी हैं। 4 बार यादव सीएम रहा, तो अब मुसलमान सीएम बनेगा। ये सब सपा की दरी बिछाने वाले हैं।
अखिलेश बोले ये अमृतकाल नहीं, सनातनियों का संकटकाल है:भाजपा संविधान से नहीं, मन-विधान से चलने वाली पार्टी, हम गांव-गांव मनाएंगे अंबेडकर जयंती
