गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJU) ने शोध के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है। विश्वविद्यालय के 19 टीचरों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों को हरियाणा राज्य उच्चतर शिक्षा परिषद से कुल 3.83 करोड़ रुपए के रिसर्च प्रोजेक्ट्स स्वीकृत हुए हैं। इन प्रोजेक्ट्स की अवधि दो वर्ष निर्धारित की गई है। कुलपति प्रो. नरसी राम बिश्नोई ने इस उपलब्धि पर सभी चयनित प्रतिभागियों को बधाई देते हुए कहा कि इतनी बड़ी संख्या में प्रोजेक्ट मिलना विश्वविद्यालय की शोध क्षमता और अकादमिक उत्कृष्टता का प्रमाण है। उन्होंने कहा कि हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी द्वारा घोषित 20 करोड़ रुपए के अनुसंधान अनुदान के तहत यह पहल संभव हुई। परिषद द्वारा आमंत्रित प्रस्तावों में GJU के शिक्षकों और विद्यार्थियों ने सक्रिय भागीदारी की, जिसका परिणाम अब सामने आया है। समाज और राष्ट्र के लिए उपयोगी हो शोध कुलपति ने स्पष्ट किया कि “शोध तभी सार्थक है, जब वह समाज और राष्ट्र के लिए उपयोगी साबित हो। उन्होंने शोधार्थियों को उच्च स्तरीय और प्रासंगिक शोध करने के लिए प्रेरित किया। विश्वविद्यालय लगातार अपने शोध इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत कर रहा है। इसका प्रभाव आंकड़ों में भी दिखता है। एच-इंडेक्स: 141, स्कोपस पब्लिकेशन: 5834, कुल साइटेशन: 1.32 लाख से अधिक और औसत पेपर साइटेशन: 22.66 हैं। कुलपति ने कहा कि ये आंकड़े GJU की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ती साख को दर्शाते हैं। इन टीचरों को मिले प्रोजेक्ट गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के टीचरों को शोध प्रोजेक्ट मिले हैं। इनमें बायोटेक्नोलॉजी से डॉ. नीरज दिलबागी व डॉ. सपना ग्रेवाल, हरियाणा स्कूल ऑफ बिजनेस/लॉ से डॉ. राजीव कुमार, डॉ. मंजू यादव व डॉ. सुनीता बेनीवाल शामिल हैं। एनवायर्नमेंटल साइंस से डॉ. अनीता सिंह किरड़ोलिया, फार्मास्युटिकल साइंसेज से डॉ. समृद्धि, डॉ. रेखा राव व डॉ. विक्रम जीत, प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी से डॉ. मोहित कुमार को प्रोजेक्ट मिले। इसके अलावा डॉ. अर्चना कपूर, डॉ. सुनील कुमार, डॉ. प्रियंका दलाल, डॉ. सरदूल सिंह व डॉ. हरदेव एस. सैनी भी शामिल हैं। इन-इन क्षेत्रों में होंगे रिसर्च प्रोजेक्ट… 1. बायोटेक्नोलॉजी : नई दवाओं, वैक्सीन, कृषि सुधार और बायोलॉजिकल रिसर्च, हेल्थ और पर्यावरण से जुड़े समाधान। 2. फार्मास्युटिकल साइंसेज : दवाओं का विकास, गुणवत्ता और प्रभाव, नई मेडिकल थेरेपी और ड्रग डिलीवरी सिस्टम। 3. कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग : आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा साइंस, साइबर सिक्योरिटी, डिजिटल तकनीकों से समाजिक समाधान। 4. इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग : ऊर्जा प्रबंधन, स्मार्ट ग्रिड, रिन्यूएबल एनर्जी, इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम और ऑटोमेशन। 5. एनवायर्नमेंटल साइंस एंड इंजीनियरिंग : जल संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण, कचरा प्रबंधन, क्लाइमेट चेंज और सतत विकास। 6. फिजिक्स : नई टेक्नोलॉजी, मटेरियल साइंस और बेसिक साइंस रिसर्च। 7. इकोनॉमिक्स और बिजनेस स्टडीज : आर्थिक नीतियां, विकास मॉडल, बाजार विश्लेषण, स्टार्टअप, इंडस्ट्री और पॉलिसी रिसर्च। 8. प्रिंटिंग टेक्नोलॉजी : आधुनिक प्रिंटिंग तकनीक, पैकेजिंग और इंडस्ट्रियल एप्लीकेशन।
GJU को मिले ₹3.83 करोड़ के 19 रिसर्च प्रोजेक्ट्स:AI जैसे विषयों पर हिसार की यूनिवर्सिटी करेगी शोध, 2 साल का समय
