कनाडा में सैटल करवाने और पीआर (PR) दिलवाने का झांसा देकर पानीपत शहर की एक महिला और उसके परिवार से करीब 60 लाख रुपए की ठगी का बड़ा मामला सामने आया है। आरोपी ने न केवल महिला की जमा-पूंजी डकार ली, बल्कि उसके पति को कनाडा भेजकर वहां अधर में लटका दिया। SP के आदेश पर स्पेशल डिटेक्टिव यूनिट की जांच के बाद थाना में आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। मैनेजर से बना मास्टरमाइंड भगत नगर की प्रमिला देवी ने बताया कि मुख्य आरोपी जोगिन्द्र सिंह (निवासी डिडवाडी) पहले पानीपत की एक इंश्योरेंस कंपनी में मैनेजर था। प्रमिला वहां एजेंट थी, जिससे उनकी जान-पहचान हुई। बाद में जोगिन्द्र कनाडा चला गया और वहां से उसने प्रमिला, उसके पति कुलदीप और बेटे आर्यन को कनाडा बुलाकर पीआर दिलवाने का झांसा दिया। 60 लाख रुपए का मायाजाल आरोपी जोगिन्द्र ने अलग-अलग किश्तों और खातों में कुल 60 लाख रुपए की भारी-भरकम राशि वसूली। बैंक ट्रांसफर: सुखदेव राठी, सागर राणा और आरोपी के साले की बहू कमलेश के खातों में लाखों रुपये जमा कराए गए। कंपनी खाता: जोगिन्द्र की कंपनी जेडी मैन पावर लि. के खाते में 7,01,604 रुपए डलवाए गए। नगद भुगतान: प्रमिला ने 13 लाख रुपए टोकन के जरिए और 5 लाख रुपए जोगिन्द्र के घर जाकर उसकी मां रारबती और भाई नरेन्द्र को सुपुर्द किए। चैट का सबूत: आरोपी ने मार्च 2024 में 20 लाख रुपए की अतिरिक्त मांग की थी, जिसकी व्हाट्सएप चैट भी पुलिस को सौंपी गई है। परिवार दाने-दाने को मोहताज रकम वसूलने के बाद आरोपी ने प्रमिला के पति कुलदीप का वीजा तो लगवाया, लेकिन कनाडा पहुंचने के बाद न तो उसे काम दिलवाया और न ही पीआर करवाई। प्रमिला और उनका बेटा पिछले दो साल से यहां अकेले रहकर संघर्ष कर रहे हैं। जब पैसे वापस मांगे गए, तो आरोपी टाल-मटोल करने लगे। दबाव बनाने पर आरोपी ने केवल 3 लाख रुपए वापस किए और बाकी 57 लाख रुपए डकार गया। केस दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस पुलिस की स्पेशल डिटेक्टिव यूनिट (SDU) की जांच रिपोर्ट के अनुसार, जोगिन्द्र कनाडा में बैठकर ठगी का रैकेट चला रहा है, जबकि उसका भाई नरेन्द्र और मां रारबती यहां भारत में उसका साथ दे रहे हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और कबूतरबाजी की गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है।
पानीपत में कनाडा भेजने के नाम पर ₹60 लाख हड़पे:विदेश में ठगी का मुख्य आरोपी; यहां परिवार संभाल रहा नेटवर्क
