महाकुंभ के दौरान उभरकर सामने आई मॉडल और सोशल मीडिया प्रभावित करने वाली हर्षा रिछारिया आज संभल में आने वाली हैं। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक लाइव सत्र के माध्यम से इस बात की जानकारी साझा की है। हर्षा ने बताया कि होली का पर्व एक पवित्र अवसर है, जब हम सभी एक-दूसरे को गले लगाते हैं और रंगों तथा खुशियों के साथ मनाते हैं। इस पावन अवसर पर उनके मन में एक विचार आया कि भाई दूज के दिन वे अपने सभी सनातनी भाई-बहनों के साथ संभल में मिलेंगी और उन्हें तिलक करेंगी। उन्होंने कहा, “भाई दूज के दिन संभल में सभी भाइयों और बहनों से मिलकर इस रस्म को निभाना चाहती हूं। हर-हर महादेव, जय श्रीराम।”
हर्षा रिछारिया पहाड़ी समाज की सदस्य हैं, जहां होली के दो दिन बाद भाई दूज का त्योहार मनाया जाता है। उनका यह दौरा इसी अवसर को देखते हुए हो रहा है, ताकि वह अपने सनातनी भाईयों के साथ इस पवित्र पर्व का आनंद उठा सकें। हर्षा ने महाकुंभ में निरंजनी अखाड़े के रथ पर बैठकर दिखाया था कि वह केवल एक मॉडल नहीं, बल्कि आध्यात्मिकता का भी गहरा संबंध रखती हैं। हालांकि, महाकुंभ के दौरान उनके साध्वी रूप को लेकर संत समाज की ओर से आपत्ति उठाई गई, जिसके चलते उन्होंने वहां से लौटने का निर्णय लिया।
हर्षा रिछारिया मध्यप्रदेश की भोपाल की रहने वाली हैं, किंतु इन दिनों वे उत्तराखंड में बसे हुई हैं। उनके पिता, दिनेश रिछारिया, जो बस कंडक्टर का काम करते हैं, और माता, किरण रिछारिया, जो एक बुटीक चलाती हैं, के साथ उनका एक भाई कपिल भी है। हर्षा के जीवन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा आध्यात्मिकता से जुड़ा हुआ है। उन्होंने स्वामी कैलाशानंद गिरि से दीक्षा ली है और योग की विशेषता का कोर्स भी किया है।
वह पेशेवर मॉडल और एंकर रह चुकी हैं और अब एक समाजिक मीडिया प्रभावशाली भी हैं। उनके इंस्टाग्राम पर दस लाख से अधिक फॉलोअर हैं, जहां वह नियमित रूप से धार्मिक और आध्यात्मिक कंटेंट शेयर करती हैं। उनका साध्वी रूप भी कई लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया है। हर्षा ने इंस्टाग्राम पर अपनी धार्मिक यात्रा और सनातन संस्कृति को फैलाने का कार्य किया है, और उनकी पहचान अब एक लोकप्रिय प्रभावशाली के रूप में हो चुकी है।
हर्षा की यात्रा यह दर्शाती है कि कैसे एक व्यक्ति समाज में अपने विचारों को फैलाने के लिए विभिन्न माध्यमों का उपयोग कर सकता है। उनका भक्ति और आध्यात्मिकता की ओर रुझान सामाजिक मीडिया पर भी देखा जा सकता है, जहां वे अपने अनुयायियों के साथ अपने अनुभव साझा करती हैं। हर बार जब वह लोगों से जुड़ती हैं, तो वह न केवल अपने लिए बल्कि समाज के लिए भी सकारात्मक संदेश भेजती हैं।