रेवाड़ी में कल से सरसों खरीदेगी सरकार, 57514 किसान पंजीकृत:किसानों को गेट पर बायोमैट्रिक के बाद मिलेगी एंट्री; शेड-फड़ फुल हुए

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रेवाड़ी की मंडियों में 28 मार्च से सरसों की सरकारी खरीद शुरू हो जाएगी। हैफेड और वेयरहाउस को सरसों की खरीद का जिम्मा मिला है। सरसों खरीद के लिए जिले में 57514 किसानों ने मेरी फसल, मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकरण करवाया हुआ है। मंडी में अपनी फसल लेकर आने वाले किसानों के वाहनों की नंबर प्लेट का मंडी के गेट पर फोटो करवाना होगा। जिसके बाद कर्मचारी उसे एप पर अपलोड करेंगे और बायोमैट्रिक के बाद ही किसानों को मंडी में एंट्री मिलेगी। इसके लिए मंडियों की जीओ फेसिंग करवाई जा चुकी है। मंडी के दोनों गेटों पर सीसीटीवी लगाए गए हैं। जिला में रेवाड़ी, कोसली और बावल की अनाज मंडियों में सरसों की खरीद होगी। हैफेड और वेयरहाउस को सरसों खरीद की जिम्मेदारी मिली है। जिला प्रशासन ने सभी तैयारियां पुख्ता करने का दावा कर रहा है। जबकि, खरीद शुरू होने से पहले शेड और फड़ फुल होने से सरसों की ढेरियां सड़कों तक पहुंच चुकी है। दावों के उल्ट जमीनी हकीकत प्रशासन 28 मार्च को सरसों की सरकारी खरीद शुरू होने से पहले पुख्ता तैयारियों का दावा कर रहा है। जमीन पर हालात इसके उल्ट हैं। मंडी के तीनों शेड और फड़ फुल होने चलते किसान अपनी फसलें मंडी की सड़कों पर डालने के लिए विवश हो रहे हैं। लिफ्टिंग की गति नहीं बढाई तो सरकारी खरीद शुरू होने के बाद हालात बिगड़ सकते हैं। ऐसे मिलेगी मंडी में एंट्री किसानों को इस बार फसल लेकर सीधे मंडी में एंट्री नहीं मिलेगी। मंडी में एंट्री के समय गेट पर फसल से भरे किसानों के वाहन की अगली नंबर प्लेट का फोटो बनेगा। इसके बाद एप पर किसानों की बायोमैट्रिक करवाई जाएगी। जीओ फेसिंग से मंडी में एंट्री से पहले किसान का पूरा ब्यौरा रिकार्ड होने के बाद ही किसान फसल लेकर मंडी में एंट्री कर पाएंगे। पिछले साल से दो गुणा खरीद मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर जिले के 57744 किसानों ने 177789 एकड़ भूमि का पंजीकरण करवाया हुआ है। सरकारी खरीद शुरू होने से पहले अब तक प्राइवेट खरीददार करीब 60 हजार क्विंटल सरसों की खरीद कर चुके हैं। जबकि पिछले साल इस अवधि में 29 हजार क्विंटल सरसों की खरीद की गई थी। इस साल गत वर्ष की तुलना में प्राइवेट खरीददार 25 मार्च तक करीब दो गुणा अधिक सरसों खरीद चुके हैं। गेहूं बेचने वाले 24634 किसान जिले में रबी सीजन के दौरान गेहूं बेचने के लिए जिले के 24634 किसानों ने अपनी 46795 एकड़ जमीन का मेरी फसल मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकरण करवाया हुआ है। जिले में गेहूं की फसल बेचने वाले किसानों की संख्या सरसों बेचने वाले किसानों से आधे से भी कम हैं। एमएसपी से अधिक मिल रहा भाव सरकार ने सरसों का एमएसपी 6200 और गेहूं का 2585 रुपए प्रतिक्विंवटल निर्धारित किया है। 28 मार्च को सरसों की सरकारी खरीद शुरू होगी। प्राइवेट खरीददार 5500 से 6400 रुपए प्रतिक्विंटल तक अब तक 50 हजार क्विंटल से अधिक सरसों की खरीद कर चुके हैं। डीसी बोले- बायोमेट्रिक सत्यापन जरूरी डीसी अभिषेक मीणा कहा कि फसल बेचने के लिए गेट पास के साथ किसानों का बायोमैट्रिक सत्यपान अनिवार्य है। इसके बिना किसान अपनी फसल नहीं बेच पाएंगे। मंडी में किसानों की सुविधा के लिए सभी आवश्यक प्रबंध किए जा चुके हैं। उन्होंने किसानों से अपनी फसलों को सुखाकर ही मंडी में लाने का आह्वान किया। फसल बेचने में किसानों को कोई समस्या नहीं होने दी जाएगी। संबंधित अधिकारियों को इसके निर्देश दिए जा चुके हैं। गेट पर होगी वैरिफिकेशन प्रक्रिया मार्केट कमेटी सचिव मनीष कुमार ने कहा कि वाहन की फ्रंट नंबर प्लेट का फोटो, बायोमैट्रिक और जीओ फेसिंग मंडी में एंट्री से पहले गेट पर ही होगी। इसके बाद किसान सीधे मंडी में आकर अपनी फसल बेच सकेंगे। केवल मेरी फसल, मेरा ब्यौरा पोर्टल पर पंजीकृत किसान ही एमएसपी पर फसल बेच पाएंगे। मंडी में सरसों खरीद की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। सफाई, पेजयल, लाइट के साथ किसानों को रहने (किसान भवन) और खाने (अटल कैंटीन) की भी सुविधा मिलेगी।