चलती ट्रेन में चढ़ रहे थे दरोगा…मुंह के बल गिरे:सिर फटने से तड़पकर मौत; औरैया से कानपुर जा रहे थे

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औरैया के फफूंद स्टेशन में ट्रेन में चढ़ते समय दरोगा का बैलेंस बिगड़ गया। इसके बाद वह प्लेटफॉर्म पर गिर गए। इससे उनके सिर और मुंह पर गंभीर चोटें आईं। लोगों ने दरोगा को एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। दरोगा की औरैया के जिला कोर्ट में तैनाती थी। नॉर्थ ईस्ट एक्सप्रेस ट्रेन का फफूंद में स्टॉपेज नहीं है। इसके बावजूद दरोगा ने ट्रेन की स्पीड थोड़ी कम होने पर उसमें चढ़ने की कोशिश की। पुलिस ने दरोगा के घरवालों को उनकी मौत की सूचना दे दी है। अब विस्तार से पढ़िए पूरा मामला… दरोगा सूरज बली (55) बांदा के रहने वाले थे। 1990 बैच के सिपाही थे। प्रमोट होकर दरोगा बने थे और 5 साल बाद उनका रिटायरमेंट था। दरोगा दिबियापुर में बने सरकारी क्वार्टर में अकेले रहते थे। उनकी फैमिली बांदा में ही रहती है। परिवार में पत्नी के अलावा 3 बेटे हैं। 3 बेटियों की शादी हो चुकी है। सूरज बली की शनिवार को बिधूना में ईद की सुरक्षा में ड्यूटी लगी थी। ईद की नमाज सकुशल संपन्न होने के बाद वह घर जाने के लिए निकले थे। फफूंद स्टेशन से बांदा की डायरेक्ट ट्रेन नहीं होने की वजह से वह पहले कानपुर जा रहे थे। कानपुर से उन्हें बांदा के लिए ट्रेन पकड़नी थी। नॉर्थ ईस्ट एक्सप्रेस डेली ट्रेन है, जो रोज फफूंद स्टेशन से निकलती है, लेकिन यहां इसका ठहराव नहीं है। आज रेलवे क्रॉसिंग के पास कॉशन लगा था। इसकी वजह से ट्रेन की गति कुछ धीमी हो गई थी। बैलेंस बिगड़ा तो प्लेटफॉर्म पर गिरे
दोपहर 12.50 पर जैसे ही ट्रेन स्टेशन पर पहुंची और थोड़ी धीमी हुई, तो सूरज बली उसमें चढ़ने की कोशिश करने लगे। अचानक उनका बैलेंस बिगड़ गया और वह प्लेटफॉर्म पर मुंह के बल गिर गए। पास खड़े एक सफाईकर्मी ने उन्हें खींचने की कोशिश की, लेकिन तब तक वह पूरी तरह से गिर चुके थे। इससे सूरज बली के सिर और मुंह पर गंभीर चोटें आईं। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत एंबुलेंस बुलाई और उन्हें दिबियापुर सीएचसी में भर्ती कराया। सीएचसी पहुंचने तक होश में थे
सीएचसी पहुंचने तक दरोगा होश में थे। शुरुआती इलाज के बाद डॉ. धर्मेंद्र कुमार ने उनकी गंभीर हालत देखते हुए उन्हें मेडिकल कॉलेज चिचौली रेफर कर दिया। वहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलने पर दिबियापुर पुलिस मौके पर पहुंची। थाना प्रभारी रुद्र प्रताप नारायण त्रिपाठी ने मामले की जांच की, दरोगा के घरवालों को सूचना दी। शव को अभी मेडिकल कॉलेज में रखा गया है। —————————– यह खबर भी पढ़ें… बच्चे के सीने से गले तक घुसा 4 फीट सरिया, न खून निकला, न बेहोश हुआ बुलंदशहर में एक 10 साल का बच्चा पिलर के ऊपर गिर गया। इससे लोहे का सरिया उसके सीने से घुसकर गले के आर-पार हो गया। बच्चा एक निर्माणाधीन मकान में अपनी गेंद उठाने गया था। उसी समय पैर फिसलने से वह पिलर पर गिर गया। गैस कटर से सरिया काटकर बच्चे को उसी हालत में अस्पताल पहुंचाया गया। दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में उसका ऑपरेशन किया जा रहा है। पढ़ें पूरी खबर..