ग्राम कलारी निवासी संतोषी देवी ने बताया कि दाे जुलाई को गांव का ही चंद्रपाल उसके पति जगदीश कश्यप को काम दिलाने के बहाने बरेली ले आया। मकान मालिक नितिन शर्मा का निर्माण कार्य चंद्रपाल देख रहा था, जो कमीशन पर मजदूरों से काम करवाता है। संतोषी के मुताबिक, चंद्रपाल ने कहा था कि एक मंजिल मकान पर काम है। लेकिन असल में तीन मंजिला निर्माणाधीन इमारत थी।
ऊंचाई देखकर जगदीश ने काम करने से इनकार कर दिया, लेकिन चंद्रपाल ने गालियां दीं, जान से मारने की धमकी दी और बकाया मजदूरी रोकने की चेतावनी दी। घबराकर जबरन चढ़े जगदीश के नीचे की बल्ली टूट गई और वह सीधा नीचे आ गिरा। गंभीर रूप से घायल जगदीश को अल-हिंद अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां वह कई दिन तक वेंटिलेटर पर रहा। इस दौरान जब संतोषी ने आरोपिताें से मदद मांगी तो उन्होंने राजनीतिक पहुंच का डर दिखाकर चुप रहने को कहा। यहां तक कि पुलिस में जाने पर अस्पताल में ही अंजाम भुगतने की धमकी दी गई। शनिवार को इलाज के दौरान जगदीश की मौत हो गई।
संतोषी का कहना है कि उसने बारादरी थाने में तहरीर दी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद उसने डीएम अविनाश सिंह से गुहार लगाई। डीएम के निर्देश पर पुलिस ने रविवार काे गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
जांच में जुटी पुलिस, पीड़िता को न्याय की आस
फिलहाल पुलिस ने ठेकेदार चंद्रपाल और मकान मालिक नितिन शर्मा के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। उधर, पीड़िता का कहना है कि उसे अब सिर्फ न्याय चाहिए ताकि भविष्य में किसी और मजदूर के साथ ऐसा हादसा न हो।
तीन मंजिला इमारत से गिरकर मजदूर की मौत, ठेकेदार और मकान मालिक पर हत्या का आरोप
