हरियाणा कांग्रेस की अब जिलों में होगी स्टेट लेवल मीटिंग:अंबाला में पहली बैठक आज; 33 जिलाध्यक्ष रहेंगे शामिल, कामों का होगा रिव्यू

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हरियाणा कांग्रेस ने अपनी ग्राउंड लेवल स्थिति को सुधारने के लिए नया प्लान तैयार किया है। पार्टी ने तय किया है कि स्टेट लेवल मीटिंग अब डिस्ट्रिक्ट लेवल पर बुलाई जाए। इसके तहत आज अंबाला जिले में एक स्टेट लेवल मीटिंग बुलाई गई है। मीटिंग में सभी 33 जिलों के जिलाध्यक्ष भाग लेंगे। मीटिंग में प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह शामिल होंगे। मीटिंग में जिलाध्यक्षों के एक महीने के कामों का रिव्यू किया जाएगा। इसके अलावा संगठन से जुड़े किए गए कामों को लेकर प्रदेश अध्यक्ष जिलाध्यक्षों से चर्चा करेंगे। डिस्ट्रिक्ट लेवल पर होगी मीटिंग हरियाणा कांग्रेस में अब तक अधिकांश स्टेटल लेवल मीटिंग चंडीगढ़ मुख्यालय में ही होती थी, लेकिन कांग्रेस नेतृत्व का मानना है कि डिस्ट्रिक्ट लेवल में मीटिंग आयोजित करने से संगठन की ग्राउंड एक्टिविटी बढ़ेगी। साथ लोकल वर्करों तथा नेताओं के साथ बेहतर संवाद स्थापित हो सकेगा। डिस्ट्रिक्ल लेवल पर होने वाली मीटिंगों में प्रदेश अध्यक्ष के अलावा प्रदेश सह-प्रभारी जितेंद्र बघेल और प्रफुल्ल गुडधे भी शामिल होंगे। प्रदेश प्रभारी बीके हरिप्रसाद दिल्ली में हैं और उनके जल्द ही हरियाणा आने की संभावना है।
एक महीने के काम का रिव्यू होगा अम्बाला में होने वाली इस बैठक में पिछले एक महीने के दौरान जिलाध्यक्षों द्वारा किए गए संगठनात्मक कार्यों और जनसंपर्क अभियानों की समीक्षा की जाएगी। जिलाध्यक्षों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने जिलों में आयोजित कार्यक्रमों, आंदोलनों और संगठनात्मक गतिविधियों की विस्तृत रिपोर्ट लेकर बैठक में पहुंचे। बैठक में विधायकों और जिलाध्यक्षों के बीच तालमेल से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हो सकती है। सूत्रों के अनुसार कुछ जिलाध्यक्ष विधायकों की कार्यशैली को लेकर अपनी राय रख सकते हैं, जबकि विधायकों की ओर से भी संगठन को लेकर मिले फीडबैक पर विचार किया जा सकता है। आंदोलन की बनेगी रणनीति मीटिंग में संगठनात्मक मुद्दों के साथ-साथ मौजूदा राजनीतिक हालात पर भी चर्चा होगी। प्रदेशाध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह ने हाल ही में एलपीजी और कच्चे तेल की आपूर्ति में आई कमी को लेकर चिंता जताई है। पार्टी का कहना है कि बढ़ती महंगाई के बीच गैस और ईंधन की कीमतों तथा आपूर्ति की समस्या ने आम लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है। सूत्रों के अनुसार मीटिंग में इस मुद्दे को लेकर प्रदेश स्तर पर आंदोलन की रूपरेखा भी तैयार की जा सकती है। कांग्रेस का मानना है कि यदि केंद्र सरकार जल्द स्थिति में सुधार नहीं करती, तो पार्टी जिला स्तर पर विरोध कार्यक्रम शुरू कर सकती है। पार्टी नेतृत्व का कहना है कि अब जिलाध्यक्षों की राज्य स्तरीय बैठक हर महीने अलग-अलग जिलों में आयोजित की जाएगी।