शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर बटुकों से यौन उत्पीड़न की FIR कराने वाले आशुतोष महाराज पर रविवार को चलती ट्रेन में जानलेवा हमला हुआ। आशुतोष ने हमले के लिए शंकराचार्य को जिम्मेदार ठहराया। हमले की जिम्मेदारी एक अघोरी लड़की ने फेसबुक पोस्ट के जरिए ली है। सोशल मीडिया पर जिस लड़की ने जिम्मेदारी ली, उसका नाम डॉ. स्वाति अघोरी है। उत्तराखंड के गंगोत्री की रहने वाली है। वह खुद को ‘सनातनी बेटी’ कहने वाली स्वाति, शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की अनन्य शिष्या होने का दावा करती हैं। हालांकि पोस्ट के बाद स्वाति अघोरी को लेकर शंकराचार्य और आशुतोष महाराज के बयान आए हैं। आशुतोष महाराज ने दैनिक भास्कर से बातचीत में कहा कि स्वाति अघोरी शंकराचार्य के शिष्य मुकुंदानंद की गर्लफ्रेंड है। जबकि शंकराचार्य के मीडिया प्रभारी योगीराज सरकार ने कहा कि स्वाति अघोरी को हम लोग नहीं जानते हैं। उससे दूर-दूर तक कोई संपर्क नहीं है। अगर कोई कुछ भी बोल देगा तो उसके जिम्मेदार शंकराचार्य होंगे। उसने एक पोस्ट में पुलिस वाले के साथ सेल्फी लेते हुए लिखा- लगता है अब मैं चर्चा में आ गई हूं। ये हमें गिरफ्तार करने आए हैं। धर्म के लिए गिरफ्तारी क्या सूली पर चढ़ जाऊं चलिए साहब। गिरफ्तारी इसलिए क्योंकि शंकराचार्य जी का समर्थन करती हूं। गौ माता राष्ट्र माता के आंदोलन में सम्मिलित होने से रोका जा रहा है। धर्म के लिए हर त्याग लेने का संकल्प लिया है। हालांकि, पुलिस की ओर से अभी तक स्वाति अघोरी की सोशल मीडिया पोस्ट की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। अब जानिए शंकराचार्य और आशुतोष महाराज के विवाद में स्वाति की एंट्री अविमुक्तेश्वरानंद पर बटुकों से यौन उत्पीड़न की FIR आशुतोष महाराज ने कराई है। रविवार को चलती ट्रेन में आशुतोष महाराज पर सुबह करीब 5 बजे जानलेवा हमला हुआ। उनकी नाक काटने की कोशिश हुई। हमले के 5 घंटे बाद रविवार को ही करीब 10 बजे डॉ. स्वाति अघोरी के फेसबुक से पोस्ट की गई। इसमें लिखा गया कि आशुतोष ब्रह्मचारी पर जो भी हमला हुआ है। उसमे वो बच गया। भगोड़ा ट्रेन के शौचालय में घुस गया था। बोला था ना मेरे लोगो के हत्थे ना चढ़ जाना। थोड़ी देर बाद दूसरा पोस्ट आया, लिखा- सत्य सनातन धर्म की जय हो, गौ माता राष्ट्र माता का संकल्प पूरा होकर रहेगा। जो बीच में आएगा आदिशक्ति के क्रोध से नहीं बचेगा। स्वाति के 10 हजार फॉलोअर्स स्वाति अघोरी सोशल मीडिया पर काफी सक्रिय हैं और फेसबुक पर उनके 10 हजार से अधिक फॉलोअर्स हैं। वे खुद को वेद, पुराण और उपनिषदों की ज्ञाता और प्रवक्ता बताती हैं। फेसबुक प्रोफाइल के अनुसार, वह ‘काल भैरव युवा वाहिनी’ की राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं और असम के कामाख्या शक्तिपीठ से भी जुड़ी हुई हैं। उनके फेसबुक पेज के कवर पर अविमुक्तेश्वरानंद के गुरु स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती की तस्वीर लगी है। शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को स्वाति अघोरी अपना गुरु मानती हैं। वह उनके हर आंदोलन और यात्रा में सक्रिय समर्थन देती रही हैं। अब पढ़िए आशुतोष महाराज ने हमले के बारे में जो बताया… आशुतोष महाराज ने बताया- मैं रीवा एक्सप्रेस ट्रेन से गाजियाबाद से प्रयागराज जा रहा था। फर्स्ट AC कोच में बैठा था। रास्ते में सिराथू रेलवे स्टेशन के पास सुबह करीब 5 बजे टॉयलेट के लिए उठा। गेट के पास एक आदमी खड़ा था। जैसे ही मैं आगे बढ़ा, उसने पीछे से मुझ पर हमला कर दिया। उसने धारदार हथियार से मेरी नाक काटने की कोशिश की और चेहरे व हाथ पर कई वार किए। इससे मुझे गंभीर चोटें आईं और काफी खून बहा। वह किसी तरह अपनी जान बचाकर भागे और ट्रेन के टॉयलेट में खुद को बंद कर लिया। वहीं से उन्होंने जीआरपी को फोन कर घटना की जानकारी दी। आशुतोष महाराज बोले- अविमुक्तेश्वरानंद ने हमला करवाया FIR दर्ज करवाने के बाद आशुतोष महाराज सर्किट हाउस पहुंचे। यहां उन्होंने दैनिक भास्कर से बात की। कहा- वेस्ट यूपी संयोजक सुधांशु सोम के साथ फर्स्ट AC के H1 कोच में बैठा था। सुबह बाथरूम जाते वक्त पीछे मुझ पर हमला किया। जान बचाने के लिए उससे हाथापाई की। हमलावर अकेला था। बॉडी बिल्डर जैसा था। उसने कोई नकाब नहीं पहन रखा था। उसे देखते ही पहचान लूंगा। शायद वो गाजियाबाद से ही पीछा कर रहा था। उन्होंने आशंका जताई कि ट्रेन के बाहर और भी हमलावर हो सकते हैं। यही सोचकर पहले जीआरपी को सूचना दी, फिर बाथरूम से बाहर आया। उन्होंने शंकराचार्य पर बड़ा हमला बोलते हुए कहा- अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ कोर्ट में सबूत न पेश कर पाऊं, इसलिए हमला करवाया। उसे पता है कि सबूत देखने के बाद कोर्ट से जमानत नहीं मिलेगी। उन्होंने बताया कि पुलिस कार्रवाई कर रही है। मेरा मेडिकल हो चुका है। कुछ और ट्रीटमेंट बचा है। सांस लेने में तकलीफ है। इसके लिए जिला हॉस्पिटल रेफर किया है। जगद्गुरु रामभद्राचार्य के शिष्य हैं आशुतोष महाराज आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज का जन्म शामली के कांधला कस्बे के एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था। इनके पिता राजेंद्र पांडे दिल्ली रोड पर चलने वाली प्राइवेट बसों में कंडक्टर थे।आशुतोष महाराज कांधला के प्राचीन शाकुंभरी सिद्धपीठ मंदिर की कमेटी से जुड़े। वर्तमान में वह इसके प्रबंधक भी हैं। इन्हीं के परिवार के चाचा प्रदीप पांडे मंदिर में पुजारी हैं। 2022 में उन्होंने जगतगुरु रामभद्राचार्य से दीक्षा ली थी। इसके बाद से वह संन्यासी जीवन जी रहे हैं। अब जानिए शंकराचार्य के साथ आशुतोष महाराज का विवाद अब पढ़िए शंकराचार्य ने आशुतोष महाराज पर हमले के बाद क्या कहा? शंकराचार्य ने रविवार को कहा था- ट्रेन का अटेंडेंट कह रहा है कि बाथरूम में गए तब तक तो ठीक थे, बाहर निकलने के बाद इनका यह हाल हो गया। बाहर आने के बाद किसने मार दिया बताइए। यह बनावट है, माहौल बनाने के लिए, सुरक्षा पाने के लिए। दूसरी बात- क्या भारत सरकार की रेल सुरक्षित नहीं रह गई है। आशुतोष हों या कोई और, अगर कोई टिकट लेकर यात्रा कर रहा है तो सुरक्षा में लगी जीआरपी कहां है, कैसे हमला हो जाएगा। इसका जवाब केंद्र को देना होगा। आशुतोष महाराज ने आरोप लगाया है कि वो सबूत देने जा रहे थे, इसलिए हमला हुआ। इस पर कहा था कि निष्पक्ष जांच हो, दूध का दूध और पानी का पानी किया जाए। जो शुरू से ही जांच के साथ है, वो हमला क्यों करवाएगा। हम तो यात्रा लेकर निकले हैं, हमें क्या पता वो कब कहां जा रहे हैं। ऐसे में हमारे ऊपर आरोप लगाने का मतलब सिर्फ मीडिया का अटेंशन पाना है। यात्रा से ध्यान भटकाने की कोशिश है। ————————-
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