त्योहारों की आड़ में बेजुबान पशुओं के साथ होने वाली क्रूरता का एक बेहद शर्मनाक मामला पानीपत के गांव नौल्था से सामने आया है। यहां होली के उत्सव के दौरान भीड़ ने एक बेजुबान भैंसे को जबरन शराब पिलाकर अपनी संवेदनहीनता का परिचय दिया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद देश के प्रतिष्ठित पशु अधिकार संगठन PETA इंडिया ने मामले में कड़ा संज्ञान लिया है। संस्था की शिकायत पर इसराना थाना पुलिस ने नामजद आरोपी के खिलाफ सख्त धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। PETA इंडिया की शिकायत पर इसराना थाना पुलिस ने गांव नौल्था निवासी कार्तिक खोखर के खिलाफ FIR दर्ज की है। शिकायतकर्ता ईशानी राठी ने पुलिस प्रशासन से आग्रह किया है कि पीड़ित भैंसे को उसके मालिकों से तुरंत जब्त किया जाए और उसे आवश्यक चिकित्सा उपचार प्रदान किया जाए। ऐसे हुआ मामले का खुलासा पशु अधिकार संगठन PETA इंडिया की क्रूरता प्रतिक्रिया समन्वयक ईशानी राठी को अनेक ईमेल और फोन कॉल के जरिए इस घटना की सूचना मिली थी । शिकायत में बताया गया कि 25 मार्च 2024 को ‘कार्तिक खोखर’ नामक इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो पोस्ट किया गया था, जिसमें बेजुबान पशु के साथ घिनौनी हरकत की जा रही थी। संस्था ने इस वीडियो को सुरक्षित कर डिजिटल साक्ष्य के रूप में पुलिस को सौंपा है। वीडियो में दिखी हैवानियत की तस्वीरें शिकायतकर्ता ईशानी राठी ने पुलिस को बताया कि वायरल वीडियो में होली का जश्न मनाती एक भारी भीड़ दिखाई दे रही है, जिसमें ट्रैक्टरों और बैलगाड़ियों की परेड निकाली जा रही है। इसी दौरान एक भैंसा गाड़ी पर सवार कुछ लोग क्रूरता की हदें पार करते दिखे। वीडियो नंबर 1 में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि दो व्यक्ति एक भैंसे का मुंह जबरन पकड़ते हैं और तीसरा व्यक्ति उस असहाय पशु के मुंह में शराब उड़ेल देता है। इस दौरान पशु स्पष्ट रूप से डरा और सहमा हुआ नजर आ रहा है। बेजुबान के लिए ‘धीमा जहर’ है शराब PETA इंडिया ने अपनी शिकायत में इस कृत्य को जहर देने के समान बताया है। संस्था के अनुसार, किसी पशु को जानबूझकर शराब पिलाना भारतीय न्याय संहिता के अंतर्गत एक गंभीर अपराध है। शराब पशुओं के लिए विषैली होती है और इसकी थोड़ी सी मात्रा भी उनके स्वास्थ्य पर घातक प्रभाव डाल सकती है। इससे पशु को उल्टी, दस्त, सांस लेने में कठिनाई, संतुलन खोना, दौरे पड़ना और अंगों का काम करना बंद हो जाने जैसी समस्याएं हो सकती हैं, जो अंततः मृत्यु का कारण बन सकती हैं। भैंसे को दी गई शारीरिक यातना वीडियो के विश्लेषण में यह भी पाया गया कि भैंसे की नाक में रस्सी को बहुत कसकर बांधा गया था, जिससे उसे असहनीय दर्द हो रहा था। गाड़ी पर बैठा व्यक्ति एक लंबी छड़ी लिए हुए था, जिसका उपयोग पशु को मारने के लिए किया जा रहा था। इसके अलावा, पशु के पूरे शरीर पर रासायनिक रंग लगाए गए थे, जो त्वचा में जलन और गंभीर संक्रमण पैदा कर सकते हैं। सार्वजनिक सुरक्षा को भी बड़ा खतरा संस्था ने तर्क दिया कि सार्वजनिक स्थान पर इस तरह की लापरवाही न केवल पशु के लिए, बल्कि वहां मौजूद लोगों के लिए भी खतरनाक है। शराब के प्रभाव और भीड़ के शोर-शराबे से डरा हुआ पशु कभी भी आक्रामक हो सकता था, जिससे बड़ी दुर्घटना हो सकती थी। मौके पर सुरक्षा के लिए कोई उचित बैरिकेड या व्यवस्था नहीं की गई थी।
पानीपत में भैंसे को शराब पिलाने पर FIR:होली खेलते हुए VIDEO सामने आया था, PETA की शिकायत पर एक्शन
