कैथल जिले में अनुशासन की एवं नियमों की अवहेलना करने के आरोप में बर्खास्त किए गए हेड कांस्टेबल सुनील संधू के समर्थन में जींद के एक संगठन परशुराम सेवा दल ने सीएम नायब सैनी को पत्र लिखा है। पत्र के माध्यम से सरकार से मांग की गई है कि संधू को बर्खास्त करने के मामले पर सरकार द्वारा एक बार फिर से विचार किया जाए। पत्र में लिखा- संधू ने समाज सेवा का कार्य किया पत्र में लिखा गया है कि सुनील संधू ने लगातार समाज सेवा का कार्य किया। पुलिस ने उनके कार्यों से खुश होकर उनको सम्मानित भी किया। ऐसे कर्मचारी की पदोन्नति की जानी चाहिए थी, लेकिन उनको हटा दिया गया। पत्र में संगठन के पदाधिकारियों ने मांग की कि मामले पर पुन: विचार किया जाए। पत्र के संबंध में जब संगठन के प्रधान दिनेश कौशिक से बातचीत की गई, तो उन्होंने कहा कि सुनील संधू ने हमेशा सेवा और जागरूकता के कार्य किए हैं। उन्होंने चेतावनी के साथ अपनी गलती को सुधारने का अवसर देना चाहिए था। अब उनको एकदम बर्खास्त करने से उसके परिवार को परेशानी होगी। ऐसे में संगठन ने सीएम को पत्र लिखकर मामले पर दोबारा विचार करने की मांग की है। यहां जानिए क्या है पूरा मामला बता दें कि कैथल में तैनात हेड कॉन्स्टेबल सुनील संधू को बर्खास्त कर दिया गया है। SP उपासना ने बताया था कि सुनील संधू ने DSP पर धमकाने के आरोप लगाए थे, उन्हें इसकी शिकायत उच्च अधिकारियों को करने के बजाए सोशल मीडिया पोस्ट की। इससे पुलिस विभाग की छवि खराब हुई। 9 सदस्यों को किया था लाइन हाजिर वहीं दूसरा, सुनील संधू नशा मुक्ति अभियान के दौरान नशे के साथ आरोपियों को पकड़ने के वीडियो अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर डालते थे, जो कि नियमों के खिलाफ है। अनुशासनहीनता को लेकर सुनील संधू पर कार्रवाई की गई है। इस विवाद के बाद 2 दिन पहले ही सुनील संधू समेत नशा मुक्ति टीम के 9 सदस्यों को लाइन हाजिर किया गया था। अब सुनील को बर्खास्त किया गया है।
कैथल के परशुराम सेवा दल ने CM को भेजी चिट्ठी:हेड कांस्टेबल की बर्खास्तगी का मामला; पुनर्विचार की मांग
