नौकरानी से शादी क्यों की? कहने पर भाई की हत्या:झांसी में मुस्कान फरार, पति-भाई के साथ मिलकर घर में लाश दफन की

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भाई कहता था, नौकरानी से शादी क्यों की? पूरे घर में बेइज्जत कर रहे थे, मैं क्या करता, तो मार डाला। ये कहना है MBA पास भाई तारिक (40) की हत्या करने वाले मशारिक का। वो पुलिस कस्टडी में है, 9 फरवरी की रात को उसने घर के पीछे 5 फीट गहरी कब्र खोदकर शव को दफना दिया था। लाश को गलाने के लिए कब्र में 100kg नमक भी डाल दिया था। मगर यही वो क्लू था, जिससे पुलिस हत्यारे तक पहुंची। क्योंकि जब तारिक लापता हो गया, तब छानबीन में पता चला कि छोटे भाई मशारिक ने 100kg नमक खरीदा है, एक मीडिल क्लास आदमी को इतने नमक की क्या जरूरत पड़ गई? ये पूछने के लिए 19 फरवरी को पुलिस ने मशारिक को थाने बुलाया। 3 घंटे पूछताछ में पुलिस के सवालों में मशारिक उलझता चला गया। रात 12 बजे SSP और मजिस्ट्रेट उसको लेकर प्रेमनगर इलाके के बिहारीपुरा स्थित घर पहुंचे। वो करीब 2.30 घंटे तक पुलिस को कभी कहता कि यहां भाई को दफना दिया, कभी किसी और जगह को दिखाकर कहता, यहां दफनाया है। आखिरकार तारिक की लाश पुलिस को मिल गई। क्या वाकई में मशारिक ने सिर्फ अपनी लव मैरिज की खिलाफत करने पर भाई को मार डाला? ये जानने के लिए दैनिक भास्कर की टीम ने जांच से जुड़े पुलिस अधिकारियों से बात की। पढ़िए रिपोर्ट…
बड़े भाई ने नौकरी के लिए मना किया, तो छोटे भाई को मिली इस कहानी की शुरुआत प्रेमनगर इलाके के बिहारीपुरा से होती है। यहां रहने वाले मिर्जा अकील बेग सरकारी टीचर थे। उनकी पत्नी शगुफ्ता बेगम झांसी कोर्ट में पेशकार थीं। दोनों ने अपने नाम दो प्लॉट खरीदे थे, जिनकी कीमत मौजूदा वक्त में लगभग एक करोड़ रुपए है। इसके अलावा उन्होंने करीब 2500 वर्गफीट में दो मंजिला मकान बनवाया था। उनके बेटे तारिक और मशारिक में शुरू से बहुत प्यार था। तारिक ने MBA किया, उनकी जॉब भी लग गई थी, लेकिन वो रेलवे की प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने लगा। साल 2022 में रोड एक्सीडेंट में अकील बेग की मौत हो गई। घरवालों के मुताबिक, पिता की मौत के बाद बड़े बेटे तारिक को अनुकंपा पर चपरासी की नौकरी मिल रही थी। तारिक (40) एमबीए कर चुका था। वह प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहा था, इसलिए उसने चपरासी की नौकरी करने से मना कर दिया। इसके बाद यह नौकरी उसके छोटे भाई मशारिक को मिल गई। इससे दोनों भाइयों का रिश्ता और ज्यादा मजबूत हो गया। मुस्कान की एंट्री कैसे हुई, ये पढ़िए घर संभालने, मां की देखभाल का बहाना, प्रॉपर्टी पर था निशाना
पूरी कहानी में अब मुस्कान की एंट्री होती है। जहां पर तारिक और मशारिक रहते हैं, उससे सिर्फ 3 घर छोड़कर मुस्कान का घर है। मोहल्ले के लोगों का कहना है कि तारिक का परिवार संपन्न था, इसलिए मुस्कान ने घर में आना-जाना शुरू किया। इधर, मां झांसी कोर्ट में पेशकार के पद से रिटायर्ड हैं। दिमागी हालत ठीक नहीं होने के चलते वह अक्सर अपने मायके में भाइयों के पास रहती हैं। उनका मायका बिहारीपुरा से करीब 10Km दूर पुरानी तहसील मोहल्ले में है। तारिक के मामा मोहम्मद सलीम के अनुसार, अकील बेग की मौत के बाद शगुफ्ता बेगम की तबीयत खराब रहने लगी थी। घर में कामकाज के लिए मशारिक ने ही मुस्कान को रखने की सलाह दी। शगुफ्ता बेगम इस बात से अनजान थीं कि बेटे और मुस्कान के बीच प्रेम संबंध चल रहा है। मुस्कान ने सेवा और देखभाल से उनका भरोसा जीत लिया और धीरे-धीरे घर में उसकी पैठ मजबूत हो गई। मोहम्मद सलीम कहते हैं- मुस्कान और उसके भाई तालिब की नजर इन भाइयों की प्रॉपर्टी पर थी। उन्होंने मशारिक का ऐसा ब्रेनवॉश किया कि जो लड़का अपने भाई पर जान छिड़कता था, वहीं उसकी जान का प्यासा हो गया। 2 महीने पहले की लव मैरिज
मशारिक ने मां को मुस्कान से शादी के लिए राजी कर लिया था, लेकिन बड़े भाई तारिक इस रिश्ते के खिलाफ था। इस मुद्दे पर दोनों भाइयों के बीच कई बार कहासुनी भी हुई। इसके बावजूद मशारिक ने विरोध को दरकिनार करते हुए 8 दिसंबर को मुस्कान से धूमधाम से शादी कर ली। शादी में शहर के कई चर्चित लोग और स्थानीय नेता भी शामिल हुए थे। नानी के पास रहती है मुस्कान और भाई तालिब
मुस्कान और उसके भाई तालिब की मां की पहले ही मौत हो चुकी है। उनके पिता सलीम खान ट्रक ड्राइवर हैं और लंबे समय तक घर से बाहर रहते हैं। दोनों भाई-बहन मशारिक के घर के पास ही अपनी नानी के यहां रहते हैं। उनकी नानी सीपरी बाजार के मुबारक अंसारी मार्केट में एक डॉक्टर के क्लिनिक पर साफ-सफाई का काम करती हैं। तालिब को चाहिए थी स्कॉडा कार
मामा मोहम्मद सलीम इस मुकदमे में वादी हैं, वह कहते हैं- मुस्कान का भाई तालिब की नजर तारिक-मशारिक की स्कॉडा कार पर भी थी। बताया गया कि बहन की शादी के बाद तालिब अक्सर वह कार अपने साथ ले जाता था। इस बात पर तारिक ने आपत्ति भी जताई थी, लेकिन मशारिक ससुराल पक्ष के आगे किसी की नहीं सुनता था। मुस्कान के फरार होने तक मां को गुमराह करता रहा
पत्नी मुस्कान और उसके भाई तालिब उर्फ असद के साथ मिलकर भाई की हत्या के बाद मशारिक ने पत्नी को पुलिस से बचाने के लिए मां और मामा को 8 दिन तक गुमराह किया। वह कभी कहता कि भाई गुम हो गया तो कभी उनके साथ मिलकर उसे तलाश करने का नाटक करता रहा। जबकि उसकी पत्नी इन दिनों का फायदा उठाते हुए अपनी नानी के साथ फरार हो गई। प्रॉपर्टी विवाद से इनकार करता रहा आरोपी
भाई को पत्नी और साले के साथ मिलकर मौत के घाट उतारने वाला मशारिक शुरू से ही नई कहानियां बनाता रहा। जब पकड़ा गया तो भी चाय के विवाद को ही हत्या की वजह बताता रहा। प्रॉपर्टी विवाद को लेकर उससे पुलिस ने मौके पर ही पूछा कि क्या तुमने प्रॉपर्टी विवाद में हत्या की है? तो इस पर वह मुस्कुराते हुए बोला था कि प्रॉपर्टी होगी तो विवाद होगा। इस मकान को प्रॉपर्टी कहते हैं क्या?
अब जानिए भाई ने हत्या कैसे की… 8 फरवरी को मेरी पत्नी मायके चली गई थी। 9 फरवरी को भाई तारिक घर के ग्राउंड फ्लोर पर सो रहा था, जबकि मैं ऊपरी मंजिल पर था। सुबह करीब 6 बजे जब मैं चाय के लिए नीचे आया और कमरे का गेट खुलवाया, तो भाई ने बहुत गुस्से से दरवाजा खोला। मुझे भला-बुरा कहने लगा। मुझे भी गुस्सा आ गया। मैंने भी भाई को उल्टा-सीधा बोल दिया। मशारिक का आरोप है कि गुस्से में तारिक ने चाकू उठाया था। मैंने डर से करीब पड़ी कुल्हाड़ी उठाकर सिर पर गले पर वार कर दिए। तारिक लहूलुहान होकर गिर पड़ा और थोड़ी देर में उसकी मौत हो गई। भाई की मौत के बाद मैं डर गया। लाश ठिकाने लगाने का प्लान बनाने लगा। मैंने सोचा कि अगर घर के पिछले हिस्से में गड्ढा खोदकर लाश छिपा दूं, तो किसी को पता नहीं चलेगा। इसके बाद घर के पीछे इंटरलॉकिंग टाइल्स हटाकर करीब 5 फीट गहरा गड्ढा खोदा। बाजार से 100Kg खड़ा नमक खरीदकर लाया। लाश को गड्ढे में डालकर उस पर नमक डाला और मिट्टी से भर दिया। फिर उसके ऊपर पत्थर रख दिए। इसके बाद कुल्हाड़ी और चाकू को भी घर में छिपा दिया। घर में पड़े खून के धब्बों को साफ कर दिया। मुझ पर शक न हो, इसलिए गुमशुदगी की शिकायत भी कराई थी। ………………….
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