डिटॉक्स से लेकर खाने के स्वाद तक! पहाड़ की ये हरी-गुलाबी घास है कमाल, जानें क्यों है इसकी इतनी डिमांड

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Sheep Sorrel Grass Health Benefits: देवभूमि उत्तराखंड के ऊंचे पहाड़ों और दलदली इलाकों में एक ऐसी जंगली घास पाई जाती है, जिसे स्थानीय लोग ‘चलमड़’ और दुनिया ‘भेड़ सोरेल’ (Sheep Sorrel) के नाम से जानती है. वैज्ञानिक भाषा में इसे ‘रुमेक्स एसिटोसेला’ कहा जाता है. यह एक बारहमासी पौधा है, जो एक बार उगने के बाद सालों-साल खुद ही पनपता रहता है. तीर के आकार वाले इसके हरे-गुलाबी पत्ते न सिर्फ देखने में सुंदर होते हैं, बल्कि सदियों से पहाड़ी रसोई और लोक चिकित्सा का हिस्सा रहे हैं. आज अपनी खास खटास और औषधीय गुणों की वजह से इस जंगली घास की मांग तेजी से बढ़ रही है.