Uttarakhand Culture: पहाड़ की रसोई सिर्फ जायके के लिए ही नहीं, बल्कि अपनी अनोखी परंपराओं के लिए भी जानी जाती है. आधुनिक किचन के दौर में भी पहाड़ी घरों में ‘माना’ का महत्व कम नहीं हुआ है. आखिर क्या है यह ‘माना’ और क्यों इसके बिना पहाड़ों में भात बनाना अधूरा माना जाता है? रसोई से लेकर मंदिर की देहरी तक जाने इस पारंपरिक बर्तन की कहानी, जो आज भी पूर्वजों की विरासत और सादगी को सहेज कर रखे हुए है.
Uttarakhand: पूर्वजों की अनमोल निशानी है पीतल से बना ये पहाड़ी बर्तन, जो सिखाता है अन्न का सम्मान
