नेगेटिविटी का काल है इस हिमालयी गाय की पूंछ! गुरुद्वारों से लेकर देव-डोलियों तक, क्यों है इसकी इतनी डिमांड?

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Bageshwar News: देवभूमि उत्तराखंड के हिमालयी क्षेत्रों में रची-बसी परंपराएं आज भी आस्था और संस्कृति का जीवंत उदाहरण हैं. इन्हीं में से एक है हिमालयी चंवरी गाय (याक) की पूंछ से तैयार होने वाला ‘पवित्र चंवर’. इसे न केवल पहाड़ के देवी-देवताओं की डोली और मंदिरों में, बल्कि गुरुद्वारों में भी विशेष महत्व दिया जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, चंवर झुलाने से न केवल नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है, बल्कि पितृ और कालसर्प जैसे दोषों से भी मुक्ति मिलती है.