जानिए बजट में क्या मिलने वाला है…:12 आस्था स्थल बनेंगे, मिड डे मील में मुफ्त दूध, मेडिकल कॉलेजों में कैंसर-हार्ट का इलाज

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मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र 16 फरवरी से शुरू हो रहा है और सबकी निगाहें 18 फरवरी पर टिकी हैं, जब वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा राज्य का 2026-27 का बजट पेश करेंगे। यह डॉ. मोहन यादव सरकार का तीसरा बजट होगा और इसमें एक साल बाद होने वाले पंचायत और निकाय चुनावों की स्पष्ट झलक दिखने की पूरी संभावना है। सूत्रों के अनुसार, इस बार का बजट सिर्फ एक साल का लेखा-जोखा नहीं, बल्कि भविष्य की एक विस्तृत वित्तीय योजना होगी, जिसमें पूंजीगत व्यय बढ़ाने, इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूती देने और राजकोषीय अनुशासन बनाए रखने पर जोर दिया गया है। राज्य के सकल घरेलू उत्पाद (GSDP) में लगभग 10% की औसत वार्षिक वृद्धि दर हुई है। इसे देखते हुए, यह अनुमान लगाया जा रहा है कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए वार्षिक बजट का आकार 4.65 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो सकता है। इस बजट में सरकार का फोकस स्वास्थ्य, पोषण, किसान, युवा और इंफ्रास्ट्रक्चर पर केंद्रित रहने की उम्मीद है। बजट में करीब 1.40 करोड़ बच्चों को मिड डे मील में टेट्रा पैक दूध देने से लेकर, किसानों की आय बढ़ाने के लिए हर जिले में फूड प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने और ‘सीएम केयर’ योजना के तहत मेडिकल कॉलेजों में कैंसर और हार्ट जैसी गंभीर बीमारियों के इलाज की सुविधा देने जैसी बड़ी घोषणाएं हो सकती हैं। पढ़िए, इस बजट में क्या खास रहने वाला है… जानिए बजट में किसके लिए क्या रहेगा…. स्वास्थ्य: ‘सीएम केयर’ से सुपर स्पेशियलिटी सुविधाओं का विस्तार
इस बजट में सरकार ‘सीएम केयर’ योजना की घोषणा कर सकती है, जिसका मकसद प्रदेश में सुपर-स्पेशलिटी स्वास्थ्य सेवाओं का एक मजबूत नेटवर्क तैयार करना है। वेलनेस टूरिज्म: 12 आस्था स्थल बनेंगे, पर्यटन और आरोग्य का संगम
मध्य प्रदेश अब वेलनेस टूरिज्म के क्षेत्र में एक नया अध्याय लिखने जा रहा है। प्रदेश के 12 स्थलों को आस्था, पर्यटन और आरोग्य के संगम के रूप में विकसित किया जा सकता है। पोषण एवं शिक्षा: बच्चों को मिलेगा टेट्रा पैक दूध
पहली से आठवीं तक के 98.37 लाख बच्चे और आंगनवाड़ियों में 3 से 6 साल की उम्र के 48 लाख बच्चों के पोषण स्तर को सुधारने के लिए सरकार एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। अब मध्यान्ह भोजन के साथ इस भी बच्चों को ट्रेटा पैक दूध भी दिए जाने की योजना है। इसके लिए ग्रामीण एवं पंचायत विभाग मप्र दुग्ध महासंघ के साथ एमओयू साइन करेगा। किसानों के लिए: सिंचाई से लेकर भावांतर तक
किसानों को साधने के लिए बजट में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं होने की उम्मीद है। इंफ्रास्ट्रक्चर: सड़कों और शहरों का कायाकल्प कर्मचारी और युवा: वेतन वृद्धि से लेकर 50 हजार नौकरियों तक पहली बार ‘रोलिंग बजट’: एक बजट, तीन साल की योजना
इस बार मध्य प्रदेश सरकार एक नई पहल करते हुए विधानसभा में पहली बार रोलिंग बजट पेश करेगी। यह एक क्रांतिकारी कदम है, जिसमें सरकार एक साथ तीन वित्तीय वर्षों (2026-27 से 2028-29) की वित्तीय योजना पेश करेगी। राजनीतिक विश्लेषक इसे अगले विधानसभा चुनाव की अभी से तैयारी के तौर पर देख रहे हैं। हालांकि, सरकार का तर्क है कि इस व्यवस्था से योजनाओं पर होने वाले खर्च पर बेहतर नियंत्रण रखा जा सकेगा और उनकी लगातार समीक्षा संभव होगी, जिससे योजनाओं का क्रियान्वयन अधिक प्रभावी होगा। एक छत के नीचे आएंगी समान प्रकृति की योजनाएं
बजट में एक और बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। अब हर योजना के लिए यह स्पष्ट करना होगा कि उस पर खर्च क्यों किया जा रहा है, उसका लाभ किसे मिलेगा और उसका सामाजिक व आर्थिक प्रभाव क्या होगा। इस प्रक्रिया में, कई गैर-प्रभावी योजनाओं को समाप्त किया जा रहा है और समान प्रकृति की योजनाओं को एकीकृत किया जा रहा है। किसानों, महिलाओं, युवाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी विभिन्न विभागों की योजनाओं को एक ही छतरी के नीचे लाकर बजट का प्रावधान किया जाएगा, ताकि योजनाओं का लाभ लाभार्थियों तक बिना किसी बाधा के और अधिक प्रभावी ढंग से पहुंच सके। ये खबर भी पढ़ें… एमपी में 50 हजार नौकरी, 35 लाख का हेल्थ इंश्योरेंस मध्य प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र 16 फरवरी से 6 मार्च तक चलेगा। इसमें डॉ. मोहन यादव सरकार पहली बार रोलिंग बजट का कॉन्सेप्ट पेश करेगी। यानी बजट में एक साल की बजाय अगले तीन सालों के फाइनेंशियल रोडमैप की झलक देखने को मिलेगी। पढ़ें पूरी खबर…