हरियाणा शिक्षा विभाग में प्रोग्रामर रेग्यूलर करने पर विवाद:असिस्टेंट डायरेक्टर ने सरकार को भेजी शिकायत, लिखा- होनी चाहिए सभी प्रोग्रामरों की डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन

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हरियाणा के शिक्षा विभाग में 2014 की रेगुलराइजेशन पॉलिसी के तहत नियमित किए गए प्रोग्रामर पर विवाद खड़ा हो गया है। जिसका खुलासा शिक्षा विभाग की सीनियर अधिकारी और सहायक निदेशक द्वारा हरियाणा सरकार को लिखे गए पत्र से हुआ है। विभाग की असिस्टेंट डायरेक्टर ने सरकार को भेजे लेटर में लिखा है कि साल 2014 की रेगुलराइजेशन नीति के तहत शिक्षा विभाग में प्रोग्रामर को नियमित करते हुए बहुत सारी अनियमितता बरती गई हैं। जिसमें वरूण अग्रवाल प्रोग्रामर के मामले में विभाग ने नियमों और जरूरी शर्तों व क्राइटेरिया को दरकिनार करते हुए नियमित किया गया पाया गया। पत्र में आगे लिखा गया है कि जिन कर्मचारी/अधिकारियों द्वारा ये अनियमितताएं की गई है उन पर सख्त अनुशासनिक कार्यवाही होनी चाहिए।
ऐसे प्रोग्रामर जिनको 3 वर्ष के अनुभव और बिना शैक्षणिक योग्यता पूर्ण करते हुए नियमित किया गया है, को तुरंत प्रभाव से रिवर्ट किया जाना बनता है ताकि हरियाणा सरकार पर जो वर्ष 2014 से अब तक वित्तीय हानि हुई है उससे बचा जा सके। यह स्पष्ट करना आवश्यक है कि ये नियम वर्ष 2014 से पहले लागू थे और कानूनी रूप से अनिवार्य हैं। इन नियमों में ‘या समकक्ष” शब्द नहीं है। इसलिए इनके अलावा किसी अन्य योग्यता को मान्य नहीं माना जा सकता। 3 पॉइंट में समझिए 2 केसों का उदाहरण.. तीन बिंदुओं पर जांच की मांग…