फरीदाबाद में 22 करोड कैश, भारी मात्रा में ज्यूलरी बरामद:इनकम टैक्स की 50 ठिकानों पर 4 दिन चली रेड; 125 करोड़ की अघोषित आय उजागर

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फरीदाबाद में इनकम टैक्स विभाग की चार दिन तक चली छापेमारी के दौरान बड़े पैमाने पर कर चोरी और अघोषित संपत्ति का खुलासा हुआ है। विभाग ने इस कार्रवाई में 22 करोड़ रुपए से अधिक की नकदी के साथ भारी मात्रा में सोना, चांदी और हीरे के आभूषण बरामद किए हैं। इसके अलावा अब तक 125 करोड़ रुपए से ज्यादा की अघोषित आय सामने आ चुकी है। इसके और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। 50 ठिकानों पर हुई छापेमारी बुधवार सुबह शुरू हुई यह कार्रवाई शनिवार देर रात तक चली। इस दौरान इनकम टैक्स विभाग ने बिल्डरों, स्कूल संचालकों, निजी सुरक्षा एजेंसी और चार अलग-अलग कंपनियों से जुड़े करीब 50 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। जांच के दायरे में आवासीय परिसरों के साथ-साथ कार्यालय भी शामिल रहे। 50 टीमों ने इक साथ दबिश दी सूत्रों के अनुसार, विभाग की लगभग 50 टीमों ने एक साथ अलग-अलग स्थानों पर दबिश दी, जिससे किसी को भी दस्तावेज या डिजिटल सबूत नष्ट करने का मौका न मिल सके। छापेमारी के दौरान बड़ी संख्या में संदिग्ध कागजात, कंप्यूटर डेटा, बैंक खातों से जुड़े रिकॉर्ड और लेनदेन के प्रमाण जब्त किए गए। कई ठिकानों पर नकदी की गिनती के लिए विशेष मशीनें मंगवाई गईं, जबकि जूलरी का आकलन विशेषज्ञों की निगरानी में किया गया। लंबे समय से लेन-देन पर रखी जा रही थी नजर इनकम टैक्स विभाग की कार्रवाई ग्रेटर फरीदाबाद के सेक्टर-81 स्थित मॉडर्न डीपीएस स्कूल सहित श्रीजी एनर्जी, रानी इलेक्ट्रोड, भगवती कॉलमर्स और ऑरिक बिल्डर से जुड़े परिसरों पर की गई। विभागीय सूत्रों का कहना है कि इन संस्थानों और कारोबारियों की गतिविधियों पर लंबे समय से नजर रखी जा रही थी। पुख्ता इनपुट मिलने के बाद ही एक साथ इतने बड़े स्तर पर कार्रवाई को अंजाम दिया गया। इनकम कम दिखा कर चोरी का आरोप प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि कई निवेश बेनामी नामों पर किए गए थे। इसके अलावा वास्तविक आय से कम इनकल दर्शाकर कर चोरी किए जाने के प्रमाण भी मिले हैं। कुछ लेनदेन शेल कंपनियों के माध्यम से किए जाने की भी आशंका जताई जा रही है। 125 करोड़ से अधिक की अघोषित आय इनकम टैक्स विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, अब तक की जांच में 125 करोड़ रुपए से अधिक की अघोषित आय सामने आ चुकी है। दस्तावेजों और डिजिटल रिकॉर्ड की विस्तृत जांच जारी है, जिसके पूरा होने पर यह आंकड़ा और बढ़ सकता है। विभाग संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ टैक्स निर्धारण, ब्याज, जुर्माना और कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी में है। फिलहाल, इनकम टैक्स विभाग की यह कार्रवाई फरीदाबाद में अब तक की सबसे बड़ी छापेमार कार्रवाइयों में से एक मानी जा रही है, जिसने बड़े कारोबारियों और संस्थानों की वित्तीय गतिविधियों पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।