हर तरफ सन्नाटा, बाजार की अधिकतर दुकानें बंद और कई दुकानों के सामने जला और बिखरा सामान। आगे बढ़ने पर आगजनी की गंध। लोग सहमे हुए नजर आए। कोई भी खुलकर कुछ कहने को तैयार नहीं। बैतूल जिला मुख्यालय से 110 किलोमीटर दूर दामजीपुरा में रविवार को हुए बवाल के बाद दैनिक भास्कर टीम पहुंची तो कुछ ऐसे ही हालात देखने को मिले। सुबह दामजीपुरा गांव में रोजमर्रा की हलचल थी। यहां एक वीडियो सामने आया था। इसके बाद आक्रोश देखते ही देखते सांप्रदायिक तनाव में बदल गया।कुछ ही घंटों में गांव में जमकर हिंसा हुई। भास्कर टीम ने घूमकर गांव के हालात देखे और स्थानीय लोगों से बात कर वास्तविक स्थिति जानने की कोशिश की। पढ़िए ग्राउंड रिपोर्ट… पहले पांच तस्वीरें देखिए… अब जानिए, विवाद की शुरुआत कैसे हुई…?
दरअसल, बैतूल के दामजीपुरा में रविवार सुबह पशु से दुष्कर्म का एक वीडियो सामने आया, जो वायरल हो गया। सुबह हिंदू संगठनों ने एसडीओपी को कॉल कर दुष्कर्म मामले में आवेदन देने की बात कही थी। मोहदा थाना प्रभारी ने कार्रवाई का आश्वासन दिया। बाद में वायरल वीडियो के आधार पर आरोपी की पहचान कर उसे हिरासत में लिया गया। मौके पर यह भी बताया गया कि वायरल वीडियो पुराना है। इसी दौरान भीड़ ने पुलिस चौकी में घुसकर आरोपी के साथ मारपीट की। इसके बाद हालात बिगड़ते चले गए और बवाल की स्थिति बन गई। देखते ही देखते हिंदूवादी संगठनों के लोग आक्रोशित हो गए। सुबह करीब 9 बजे उन्होंने पहले पुलिस चौकी का घेराव किया और दो दुकानों में तोड़फोड़ कर आगजनी की, इनमें से एक आरोपी की दुकान थी। घरों पर पथराव किया, खड़े वाहन तोड़े
मुस्लिम इलाकों में भीड़ ने घुसकर घरों पर पथराव किया, वहां खड़े वाहन तोड़ दिए। जैसे-जैसे खबर फैली, हिंदू संगठनों में गुस्सा भड़क उठा। पास के मोहदा गांव में एक धार्मिक आयोजन जुटे लोग समेत आसपास के गांव भी दामजीपुरा की ओर बढ़ गए। यही नहीं, आसपास के जिलों से भी लोग दामजीपुरा पहुंचने लगे। यह देख पुलिस प्रशासन भी तत्काल हरकत में आया। करीब 12 बजे एसपी वीरेंद्र जैन और प्रभारी कलेक्टर अक्षत जैन मौके पर पहुंच गए। फिलहाल गांव में करीब सौ सिपाहियों का पुलिस बल तैनात है। आईजी मिथिलेश कुमार डीआईजी प्रशांत खरे देर रात गांव पहुंचे। इलाके के एसडीओपी और चार टी आई रात में कैंप कर रहे है। मकान-गाड़ियों को आग के हवाले किया
हालात को काबू करने के लिए भैंसदेही, चिचोली और मोहदा थानों का पुलिस बल मौके पर भेजा गया। पुलिस लाइन से वज्र वाहन और अतिरिक्त बल सुबह 11.45 बजे रवाना किया गया। दोपहर करीब 1.35 बजे पुलिस फोर्स गांव पहुंची। पुलिस ने मौके पर मौजूद भीड़ को हटने के लिए कहा और स्थिति को नियंत्रण में लेने की कोशिश की। बावजूद कुछ अन्य गाड़ियों में भी आग लगा दी गई। टायर पंक्चर दुकान, इलेक्ट्रॉनिक दुकान, मोबाइल दुकान और टेलरिंग शॉप में तोड़फोड़ की गई। कई वाहनों को भी क्षतिग्रस्त किया गया। जानकारी के मुताबिक घटना के दौरान भीड़ अलग-अलग मोहल्लों में घूमती रही। बाजार बंद कराए गए और इसके बाद दुकानों में तोड़फोड़ की गई। सुबह से बवाल हो रहा था, समय पर नहीं पहुंचा बल
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, गांव की आबादी करीब 2500 है। इनमें 30 से 40 मुस्लिम परिवार रहते हैं, जबकि xराठौर और कोरकू समाज बहूसंख्यक है। स्थानीय लोगों ने बताया कि सुबह करीब 10 बजे से ही बवाल शुरू हो गया था, लेकिन शुरुआती समय में पुलिस बल मौके पर नहीं पहुंच सका। सुबह भड़की हिंसा के बाद पुलिस ने भले ही शाम तक माहौल शांत होने का दावा किया, लेकिन जमीन पर सन्नाटा और डर साफ दिखाई दिया। बाजार इलाके में जली हुई दुकानों का मलबा दिखाई दिया। कुछ लोगों ने कहा कि कई दुकानों को लूटा गया। आगे बढ़ने पर टूटे ताले और बिखरे सामान ने तबाही की गवाही दी। मुस्लिम बस्ती कई घरों पर ताले लटके मिले। बताया गया कि वे अपने रिश्तेदारों या सुरक्षित ठिकानों पर चले गए। आरोप- पंप से पेट्रोल लेकर आगजनी हुई
स्थानीय लोगों का कहना है कि करीब तीन घंटे बाद पुलिस बल मौके पर पहुंचा, जिससे भीड़ बेकाबू हो गई। समय रहते हालात पर काबू पाया जा सकता था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, उपद्रवियों ने पेट्रोल पंप से पेट्रोल लेकर आग लगाई। जनपद सदस्य संतोष राठौर ने बताया कि पहले तक गांव में कोई विवाद नहीं था। हिंदू-मुस्लिम सभी मिलजुलकर रहते थे, लेकिन इस घटना ने विश्वास तोड़ दिया। स्थानीय महिला सलमा बेगम ने कहा, “लोग पत्थर फेंक रहे थे, गाड़ियां तोड़ी जा रही थीं। पुलिस बहुत देर से आई। अब कौन जिम्मेदारी लेगा?” CCTV में रिकॉर्ड न हो, इसलिए बिजली बंद की
नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर एक ग्रामीण ने कहा कि ऐसा लगता है कि गांव में बिजली बंद कर दी गई ताकि कोई सीसीटीवी में न कैद हो सके। भीड़ में शामिल किसी को भी आगजनी और तोड़फोड़ के वीडियो नहीं बनाने दिए गए। यही वजह है कि घटना के 12 घंटे बीतने के बावजूद हिंसा का कोई वीडियो बाहर नहीं आ सका है। ‘अंदेशा नहीं था, मामला इतना बड़ा हो जाएगा’
मोहदा थाना प्रभारी वीके मौर्य ने बताया कि जिस व्यक्ति पर आरोप लगाया गया है, उसे पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। अंदेशा नहीं था कि मामला इतना बड़ा रूप ले लेगा। वायरल वीडियो को लेकर हिंदू संगठनों में गुस्सा फैल गया और बाहर जिलों से भी कुछ लोग एकत्रित होकर पहुंच गए थे। घटना की जानकारी मिलते ही कार्रवाई की गई थी। एसपी बोले- अफवाह के कारण हिंसा हुई
एसपी वीरेन्द्र जैन के मुताबिक, सुबह से ही माहौल तनावपूर्ण था। 9.30 बजे आरोपी को पकड़ लिया गया था, लेकिन सोशल मीडिया पर अफवाह फैलने से बवाल भड़क गया। एसपी के अनुसार, उपद्रव की सूचना मिलने पर तुरंत फोर्स रवाना किया गया था। जिनके घर या दुकानें जली हैं, उनका सर्वे कराया जाएगा। गांव में शांति बहाल करने के लिए भारी पुलिस बल तैनात है। प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और शांति बनाए रखने की अपील की। पहले आरएसएस प्रचारक से मारपीट में भिड़े थे दो समुदाय इससे पहले 9 अक्टूबर 2025 को बैतूल जिले के मुलताई में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के जिला प्रचारक शिशुपाल यादव के साथ कुछ लोगों ने मारपीट कर दी थी। इसके बाद हंगामा मच गया। दो समुदाय के लोग सड़क पर आमने-सामने आ गए थे। दोनों पक्षों में मारपीट भी हुई थी। पढ़ें पूरी खबर…
प्रत्यक्षदर्शी बोले- उपद्रवियों ने पेट्रोल डालकर आग लगाई:पशु दुष्कर्म के बाद बैतूल में हिंसा, घर-दुकानों में तोड़फोड़; महिला बोली- पुलिस सब होने के बाद आई
