‘अरमान-काजल की लव स्टोरी से बदनामी हुई’:मुरादाबाद में भाई बोले- बहन को नहीं मारना चाहते थे, पुलिस को बताने की धमकी दी

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मुरादाबाद में 18 जनवरी को तीन भाईयों ने बहन और उसके प्रेमी को फावड़े से काट डाला। मर्डर करने के बाद दोनों डेड बॉडी को बोरे में भरकर गांगन नदी के पास एक मंदिर के पीछे दफना दिया। 21 जनवरी को पुलिस ने 2 भाइयों को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उन्होंने अपना जुर्म कुबूल लिया। वहीं, तीसरे भाई को 22 जनवरी को अरेस्ट कर लिया गया। पुलिस पूछताछ में भाइयों ने बताया- हम अपनी बहन को नहीं मारना चाहता था। हम उसके बॉयफ्रेंड की हत्या करना चाहते थे। उसकी वजह से हमारी गांव में बदनामी हो रही थी। हम लोग जब अरमान को पीट रहे थे, तो वह उसे बचाने के लिए आई। जब अरमान मर गया तो बहन बोली- हम पुलिस को सब बता देंगे। इसीलिए हम लोगों ने उसे भी मार दिया। काजल- अरमान पहली बार कब मिले, दोनों में लव अफेयर कैसे हुआ, घटना वाले दिन अरमान काजल के घर कैसे पहुंचा। इस हत्याकांड पर गांव का माहौल कैसा है, काजल और अरमान के घर वालों का क्या कहना है, यह जानने के लिए दैनिक भास्कर की टीम मुख्यालय से 6 किमी की दूरी ऊमरी सब्जीपुर गांव पहुंची। पढ़िए रिपोर्ट… सबसे पहले जानते हैं गांव का माहौल गांव में तैनात है भारी फोर्स
ऊमरी गांव में करीब 10 थानों की फोर्स तैनात है, साथ ही पीएसी को भी लगाया गया है। गांव में कई जातियों के लोग रहते हैं। घटना दो समुदायों के बीच होने के कारण प्रशासन काफी गंभीर है। हालांकि, गांव का माहौल सामान्य है। दुकानें खुली हैं और लोग अपना रोजमर्रा का काम निपटा रहे हैं। इस दौरान दैनिक भास्कर की टीम ने गांव के कई लोगों से बात करने की कोशिश की, लेकिन ऑन-कैमरा बोलने को कोई तैयार नहीं हुआ। ऑफ-कैमरा कई लोगों ने घटना के बारे में बताया कि अरमान और काजल की लव स्टोरी गांव में किसी से छुपी नहीं थी। अब पढ़िए अरमान के पिता ने क्या कहा? मोहम्मद हनीफ बोले- सभी आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले
दैनिक भास्कर की टीम जब अरमान के घर पहुंची, तो उनके पिता मोहम्मद हनीफ हाथ में सुई लेकर तिरंगा सिलते मिले। घर के दरवाजे से लेकर पूरी गली तक भारी पुलिस फोर्स तैनात थी। इसी दौरान मोहम्मद हनीफ ने बात की। उन्होंने कहा- मेरे बेटे की 6 लोगों ने मिलकर हत्या की है। तीन आरोपी जेल जा चुके हैं, जबकि 3 अभी भी बाहर हैं। वह लड़की भी मेरे लिए बेटी जैसी ही थी। अगर मुझे पता होता कि मेरे बेटे ने कोई गलती की है, तो मैं खुद उसे सजा दिलाने की पैरवी करता। लेकिन इन लोगों ने कानून अपने हाथ में लेकर मेरे बेटे की जान ले ली और अपनी बहन की भी हत्या कर दी। हम चाहते हैं कि कानून के तहत इन सभी को कड़ी से कड़ी सजा मिले। काजल के पिता ने क्या कहा, वो पढ़िए काजल के पिता बोले- मुझे नहीं कैसे हुई घटना?
वहीं, गांव के बाहर एक झोंपड़ी के बाहर चारपाई पर काजल सैनी के पिता गनपत सैनी बैठे थे। गनपत कैमरे पर बात करने को तैयार नहीं हुए। ऑफ-कैमरा पर उन्होंने कहा- मेरे बेटों को बेमतलब फंसाया गया। उन्होंने कोई हत्या नहीं की है। मेरा बेटा रिंकू गांव में रहता ही नहीं, वह अपनी ससुराल में रहता है। दूसरा बेटा राजाराम सैनी भी मजदूरी के सिलसिले में घर से बाहर ही रहता है। छोटा बेटा सतीश भी उस रात गांव में नहीं था। मेरी बेटी स्कूल में पढ़ाती थी। हम तो गरीब हैं, न जमीन है और न रहने के लिए ढंग की जगह है। मेरे बच्चे मजदूरी करके अपना पेट पाल रहे थे। मुझे कुछ भी नहीं पता कि यह घटना कैसे और क्यों हुई। अब पढ़िए काजल के भाइयों का कबूलनामा मैं अपनी बहन को नहीं मारना चाहता था पुलिस पूछताछ में काजल के बड़े भाई राजाराम ने बताया- मेरा इरादा बहन की हत्या करने का नहीं था। मैं सिर्फ उसके बॉयफ्रेंड अरमान को मारना चाहता था। अरमान की हत्या करने के बाद काजल ने हमें धमकी दी। उसने कहा- तुमने मेरे प्रेमी की हत्या की है, मैं तुम्हें नहीं छोड़ूंगी। तुम मेरे भाई नहीं, कातिल हो। मैंने सबकुछ अपनी आंखों से देखा है। मैं पुलिस को सबकुछ बता दूंगी। तुम्हें जेल भिजवाकर रहूंगी। यह सुनकर हम लोगों को गुस्सा आ गया और अपनी फावड़े से अपनी बहन की हत्या कर दी।’ राजाराम ने बताया- मैंने कई बार अरमान और काजल को समझाने की कोशिश की लेकिन दोनों नहीं मानें। समाज में हमारा जीना मुश्किल हो गया था। फिर भी हम किसी तरह सांस ले रहे थे, लेकिन अरमान हमारी बहन को ही बहलाकर हम भाइयों को ही जहर देकर मरवाना चाहता था। वो बावनखेड़ी की शबनम जैसा कांड हमारी बहन से कराने की प्लानिंग कर रहा था। दुबई से वापस आने के बाद उसने लोकलाज पूरी तरह ताक पर रख दी थी। वो अक्सर काजल को मिलने लगा था। यहां तक कि हमारे घर में भी आ जाता था। उस रात भी वो हमारे घर में हमारी बहन के कमरे में था। हमारा खून खौल गया, मारते नही तो भला क्या करते। बोरों ने फेल कर दिया काजल के भाइयों का प्लान
मर्डर के बाद काजल के भाइयों ने दोनों शवों को दफना दिया था। काजल का घर गांव की बेहद तंग गली में है। आधी रात को चीख-पुकार के बाद जब काजल के भाई काजल और अरमान के शवों को बोरों में भरकर बाइक से ले जा रहे थे, तभी पड़ोसियों की नजर उन पर पड़ गई। शुरुआत में काजल और अरमान के अचानक गायब होने पर गांव में यही चर्चा थी कि अरमान काजल को लेकर कहीं भाग गया है। इसी बीच एक पड़ोसी ने यह बात लीक कर दी कि आधी रात में काजल के भाई बाइक पर बोरे ले जाते देखे गए थे, तो उन पर शक गहराता चला गया। अब जानते हैं दोनों में कैसे शुरू हुई लव स्टोरी काजल और अरमान एक ही गांव के रहने वाले थे। दोनों के घर पास-पास हैं और उनकी छतें आपस में जुड़ी हुई हैं। दोनों ने साथ-साथ पढ़ाई की थी। इसी दौरान दोनों के बीच दोस्ती हुई, जो धीरे-धीरे प्यार में बदल गई। इसके बाद दोनों का मिलना-जुलना शुरू हो गया। काजल ग्रेजुएशन के बाद एक प्राइवेट स्कूल में शिक्षिका के रूप में कार्यरत थी। वह अपने परिवार में नौ भाई-बहनों में छठवें स्थान पर थी। वहीं, अरमान दसवीं पास था। कुछ समय तक गांव में रहकर उसने जेसीबी चलाने का काम किया। इसके बाद वह काम के सिलसिले में दुबई चला गया, जहां उसने करीब तीन साल तक फर्श पर टाइल्स लगाने का काम किया। करीब 6 महीने पहले अरमान दुबई से लौटकर भारत आया था। फिलहाल वह मुरादाबाद और आसपास के इलाकों में इमारतों में टाइल्स लगाने का काम कर रहा था। ——————– यह खबर भी पढ़ें… विकास दुबे के एनकाउंटर के बाद पत्नी का पहला इंटरव्यू:रिचा बोलीं- खुशी दुबे ने 3 शादियां कीं, अपने नाम के आगे तिवारी, ठाकुर लिखें कानपुर के बिकरू कांड के मुख्य आरोपी गैंगस्टर विकास दुबे की पत्नी पहली बार कैमरे पर खुलकर बोलीं। रिचा दुबे ने कहा कि मैं कभी भी राजनीति में नहीं आना चाहती। अपने बच्चों के साथ जहां भी हूं, खुश हूं। 8 पुलिस वालों के दर्दनाक हत्याकांड के 5 साल बाद रिचा ने अमर दुबे की पत्नी खुशी पर सवाल उठाए। पढ़ें पूरी खबर…