कुरुक्षेत्र केशव पार्क हत्याकांड में खुलासा:दिव्यांग पति की हत्या में पत्नी शामिल; प्रेमी ने साथियों संग मिलकर काटा था सिर

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हरियाणा के कुरुक्षेत्र में केशव पार्क में मिली दिव्यांग व्यक्ति की सिर कटी लाश के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। इस हत्याकांड में उसकी पत्नी भी शामिल थी। मृतक की पत्नी के प्रेमी ने अपने साथियों के साथ मिलकर 29 दिसंबर की रात उसकी चाकू से गर्दन काटकर हत्या की थी। उसका धड़ पार्क में ही छोड़ दिया और सिर सरोवर में ले जाकर डाल दिया, ताकि शव की पहचान न हो सके। अब इस मामले सीआईए-2 ने मृतक सुनील (35) की पत्नी सीता को गिरफ्तार किया है। सीता को उसके प्रेमी ने अगले ही दिन पूरी बात बता दी थी, लेकिन सीता ने इसकी जानकारी पुलिस और घरवालों से छुपाकर रखी। यहां तक कि सीता ने अपने पति सुनील की गुमशुदगी की रिपोर्ट भी 5 दिन बाद दर्ज करवाई। नकली टांग से खुली कहानी मृतक की नकली टांग से पुलिस उसके घर तक पहुंच गई थी। मृतक की पहचान पानीपत के खोजकीपुर निवासी सुनील के रूप में हुई है। वह नशे में अपनी पत्नी सीता के साथ मारपीट करता था। पत्नी अक्सर इसकी शिकायत अपने प्रेमी से करती थी। उसका प्रेमी इसी बात की रंजिश रखे हुए था। पार्क में मिली लाश सिर कटी लाश 30 दिसंबर 2025 को सुबह कुरुक्षेत्र के केशव पार्क में एक दिव्यांग व्यक्ति का सिर कटी लाश मिली। पार्क में सैर करने आए एक गुरुद्वारा कर्मचारी ने इसे सबसे पहले देखा। आसपास खून बिखरा था और सिर गायब था। मौके पर कृष्णा गेट थाना, सीआईए-1 और सीआईए-2 की टीमें पहुंचीं। मौके से एक खून से सना चाकू और मृतक की दाहिनी नकली टांग मिली। सिर न होने से पहचान मुश्किल हो गई थी। 15 दिन बाद सरोवर से मिला सिर 13 जनवरी 2026 को पार्क से करीब आधा किलोमीटर दूर सन्निहित सरोवर में एक सिर मिला। जांच में पता चला कि यह उसी लाश का हिस्सा है। अब शव की पहचान करने का सबसे बड़ा सुराग दाहिनी नकली टांग थी। इस पर जयपुर का मार्का था। टीम जयपुर गई और हरियाणा में ऐसे 150 दिव्यांगों की लिस्ट बनाई, जिन्होंने वैसी ही नकली टांग लगवाई थी। पानीपत के सुनील के रूप में हुई पहचान लिस्ट खंगालने पर सुनील का नाम सामने आया। सीआईए-2 प्रभारी मोहनलाल और कृष्णा गेट थाना प्रभारी बलजीत सिंह की टीम ने पानीपत के खोजकीपुर गांव में छानबीन की। वहां से पता चला कि सुनील शादीशुदा था। उसके तीन साल की बेटी और एक डेढ़ साल का बेटा है। परिवार ने पानीपत में 4 जनवरी को उसके लापता होने की FIR दर्ज कराई थी। मोहित के सुनील की पत्नी से अवैध संबंध पुलिस के मुताबिक, रंजिश के तहत सुनील का मर्डर हुआ। पुलिस ने पानीपत के खोजकीपुर निवासी मोहित और उसके दोस्त मंजीत को गिरफ्तार किया था। इस हत्याकांड में मंजीत का भाई अंकुश भी शामिल हैं। पूछताछ में सामने आया कि मोहित का सुनील की पत्नी के साथ अवैध संबंध था। सुनील शराब पीने का आदी था और अक्सर अपनी पत्नी के साथ मारपीट करता था। इस बात से मोहित सुनील से रंजिश रखे हुए था। 29 दिसंबर को ट्रेन से कुरुक्षेत्र आए मोहित सुनील की बाइक इस्तेमाल करता था। सुनील अक्सर शराब के लिए मोहित से पैसे मांगता और बाइक छीनने की धमकी देता। इससे तंग आकर मोहित ने मंजीत और अंकुश के साथ मिलकर सुनील की हत्या की प्लानिंग बनाई। 25 दिसंबर से इन्होंने प्लानिंग शुरू की। आरोपियों की पहले प्लानिंग करनाल में हत्या करने की थी, लेकिन 29 दिसंबर को वे ट्रेन से कुरुक्षेत्र आए। पहले एक होटल में रुके, फिर टहलने के बहाने केशव पार्क पहुंचे। पार्क में घूमने के बाद अंधेरे में हत्या की वहां एक घंटे घूमने के बाद अंधेरे वाली जगह पर सुनील की हत्या कर दी। सिर काटकर सरोवर में फेंक दिया, ताकि पहचान न हो। जांच करते हुए पुलिस ने मोहित, मंजीत और सुनील की पत्नी सीता को गिरफ्तार कर लिया। अभी पुलिस फरार चल रहे अंकुश की तलाश कर रही है। पुलिस ने तीनों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया है। एक साल से चल रहा था अफेयर सीआईए-2 के इंचार्ज मोहन लाल ने बताया कि आरोपी मोहित और सीता के बीच एक साल से अवैध संबंध थे। मोहित पानीपत किसी फैक्ट्री में काम करता था, लेकिन सुनील कोई काम नहीं करता था। मोहित का सुनील के घर आना-जाना था। इस दौरान सुनील की पत्नी से उसके अवैध संबंध बन गए। इकट्‌ठे शराब पीते थे दोनों सुनील और मोहित दोस्त थे। दोनों इकट्‌ठा बैठकर शराब पीते थे। सुनील अक्सर अपनी पत्नी से मारपीट करता था। इस कारण मोहित उससे खफा था। सुनील की हत्या के बाद मोहित ने अगले दिन ही सीता से मिला और उसे हत्या की बात बताई। फिर बाद में मोहित के कहने पर सीता ने अपने पति सुनील की गुमशुदगी दर्ज कराई।