मकर संक्रांति के पावन पर्व पर उत्तराखंड के विश्व प्रसिद्ध जागेश्वर धाम में एक अद्भुत और रहस्यमयी परंपरा शुरू हो जाती है. यहां भगवान शिव को 251 किलो शुद्ध पहाड़ी गाय के घी से निर्मित घृत कमल गुफा में विराजमान किया जाता है, जहां वे पूरे एक माह तक गुप्त साधना में लीन रहते हैं. यह अनोखी धार्मिक परंपरा न सिर्फ श्रद्धालुओं की आस्था को गहराई देती है, बल्कि जागेश्वर धाम को आध्यात्मिक रहस्यों का केंद्र भी बना देती है.
251 किलो घी में क्यों ढक दिया जाता है शिवलिंग? गुप्त साधना में रहते हैं भगवान शिव, जानिए जागेश्वर धाम का रहस्य
