TMC आईटी सेल इंचार्ज के घर-ऑफिस पर रेड:ममता कार्रवाई के बीच फाइल लेकर निकलीं, बोलीं-प्रधानमंत्री जी अपने होम मिनिस्टर को कंट्रोल कीजिए; आज मार्च निकालेंगी

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पश्चिम बंगाल में गुरुवार को कोलकाता में बड़ा सियासी ड्रामा हुआ। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की दो टीमें सुबह-सुबह इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (आई-पैक) के दो ठिकानों पर पहुंची। ईडी 2020 के कोयला तस्करी घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस की जांच कर रही है। एक टीम ने आई-पैक के डायरेक्टर प्रतीक जैन के लाउडन स्ट्रीट स्थित घर तो दूसरी ने सॉल्टलेक स्थित दफ्तर पर छापा मारा। प्रतीक बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (TMC) की IT सेल के प्रमुख भी हैं। वही ममता बनर्जी की चुनावी रणनीति बनाते हैं। इसलिए जब सीएम ममता को छापे की सूचना मिली तो वे पुलिस अफसरों के साथ सीधे प्रतीक के घर पहुंच गईं। 20-25 मिनट यहीं रहीं और फिर एक फाइल फोल्डर लेकर निकल गईं। इसके बाद वे प्रतीक के दफ्तर गईं। यहां से करीब 3:30 घंटे बाद निकलीं। देश में संभवत: पहली बार है, जब किसी सीएम ने छापे के बीच ऐसा कदम उठाया हो। ईडी ने इस मामले में देशभर में 10 ठिकानों पर छापे मारे। इनमें 6 बंगाल तो 4 दिल्ली के हैं। ममता ने इस कार्रवाई को राजनीति से प्रेरित बताया है। कहा है कि मुझे माफ करें प्रधानमंत्री जी, कृपया अपने गृह मंत्री को कंट्रोल करें। इस कार्रवाई के विरोध में ममता आज 2 बजे मार्च निकालेंगी। 8 जनवरी: प्रतीक जैन के ठिकानों पर रेड की टाइमलाइन सुबह 6:30 बजे: एक टीम ने सबसे पहले ऑफिस पर छापा मारा। दफ्तर सूना था। उसने सभी डिजिटल डिवाइस, भौतिक दस्तावेजों की जांच की।
सुबह 7:30 बजे: दूसरी टीम प्रतीक जैन के घर पहुंची। वह एक बिल्डिंग की चौथी मंजिल में रहते हैं। टीम ने दस्तावेजों की जांच शुरू की।
दोपहर 12 बजे: ममता प्रतीक के घर पहुंचीं और 19 मिनट बाद बाहर निकलीं, तब उनके हाथ में एक ग्रीन फाइल फोल्डर था।
दोपहर 1 बजे: ममता घर से 15 किमी दूर आई-पैक के ऑफिस पहुंचीं। तब केंद्रीय बलों ने बिल्डिंग की एंट्री और एग्जिट बंद कर दी थी, इसलिए ममता बेसमेंट की लिफ्ट से सीधे 11वीं मंजिल पर पहुंचीं। उनके साथ राज्य के डीजीपी राजीव कुमार थे। ये वही राजीव हैं, जिनके घर 2019 में सीबीआई ने छापा मारा था, तब विरोध में ममता वहीं धरने पर बैठ गई थीं।
शाम 4:22 बजे: ममता बाहर आईं। उनके पीछे सीएमओ के अफसर हाथों में फाइलें लिए थे। उन्होंने फाइलें काफिले की गाड़ी में पीछे की सीट पर रखीं। ऐसे पहुंचा घोटाले का पैसा… ईडी ने बताया कि 27 नवंबर 2020 को सीबीआई कोलकाता ने एक एफआईआर दर्ज की थी। फिर मनी लॉन्ड्रिंग केस दर्ज हुआ। जांच में अनूप मांझी के सिंडिकेट का पता चला, जो ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड के लीज होल्ड इलाके से कोयला चोरी कर फैक्ट्रियों में खपाता था। ईडी का दावा है कि इस अवैध कारोबार से अर्जित धन एक प्रमुख हवाला ऑपरेटर ने आई-पैक कंसल्टिंग प्राइवेट लि. तक पहुंचाया। मामला हाईकोर्ट पहुंचा, कल सुनवाई सबूतों से छेड़छाड़ के मामले में ED ने कलकत्ता हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। उधर, I-PAC ने भी सर्च की वैधता को चुनौती दी है। मामले की सुनवाई शुक्रवार को जस्टिस सुवरा घोष की बेंच में होगी। वहीं, प्रतीक जैन के परिवार ने शेक्सपीयर सरानी पुलिस स्टेशन में ED अधिकारियों के खिलाफ महत्वपूर्ण दस्तावेजों की चोरी का आरोप लगाते हुए शिकायत कराने का फैसला किया है। ममता का आरोप- यह कार्रवाई घटिया और शरारती गृह मंत्री करवा रहे ED का जवाब- छापे सबूतों के आधार पर डाले गए ED ने कहा कि कोलकाता में I-PAC के ठिकानों पर छापे पूरी तरह सबूतों के आधार पर किए जा रहे हैं। यह किसी राजनीतिक दल या चुनाव से जुड़ा मामला नहीं है। यह कार्रवाई हवाला, अवैध कोयला तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े केस में हो रही है। ED ने बताया कि कार्रवाई 2020 में CBI के दर्ज उस मामले से जुड़ी है, जो अनुप माजी उर्फ लाला के कोयला तस्करी सिंडिकेट से जुड़ा है। आरोप है कि सिंडिकेट ने पूर्वी कोलफील्ड्स के आसनसोल और आसपास के (पश्चिम बर्धमान) इलाकों में कोयले की चोरी और अवैध खुदाई की। ED का दावा है कि कोयला तस्करी से जुड़े एक हवाला ऑपरेटर ने Indian PAC Consulting Pvt Ltd (I-PAC) को करोड़ रुपए के लेनदेन कराए। एजेंसी के अनुसार, I-PAC भी हवाला धन से जुड़ी इकाइयों में शामिल है। ED ने कहा कि कार्रवाई शांतिपूर्ण और पेशेवर ढंग से चल रही थी, लेकिन ममता बनर्जी के बड़ी संख्या में पुलिस अधिकारियों के साथ पहुंचने के बाद जांच में रुकावट पैदा हुई। भाजपा ने कहा- ममता ने केंद्रीय एजेंसियों के काम में दखल दिया बीजेपी नेता सुवेंदु अधिकारी ने कहा, ‘मैं छापेमारी पर कोई टिप्पणी नहीं करूंगा। ED डिटेल्स दे सकती है। ममता बनर्जी ने केंद्रीय एजेंसियों के काम में दखल दिया। ममता ने आज जो किया, वह जांच में बाधा डालना था। मुख्यमंत्री के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। IPAC ऑफिस में वोटर लिस्ट क्यों मिली। क्या IPAC कोई पार्टी ऑफिस है।’ सीनियर कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने आरोप लगाया कि I-PAC एक कॉरपोरेट इकाई होते हुए भी तृणमूल कांग्रेस (TMC) की आंख और कान की तरह काम करती है। पश्चिम बंगाल में पार्टी की चुनावी जीत सुनिश्चित करने के लिए राजनीतिक रूप से अनैतिक गतिविधियों में शामिल है। नॉलेज पॉइंट: जानिए I-PAC के बारे में ——————– ये खबर भी पढ़िए… ममता बोलीं-SIR भाजपा के मोबाइल ऐप से हो रहा:चुनाव आयोग ने लोगों को परेशान किया, TMC सुप्रीम कोर्ट पहुंची पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) को लेकर चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग राज्य में चल रही SIR प्रक्रिया में भाजपा की आईटी सेल के बनाए मोबाइल ऐप्स का इस्तेमाल कर रहा है। पूरी खबर पढ़िए…