डिंडौरी में नर्मदा किनारे खड़ी गाड़ियों पर ओस जमी:पचमढ़ी झील पर उठती दिखी धुंध; शहडोल का कल्याणपुर प्रदेश में सबसे ठंडा

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मध्य प्रदेश में घने कोहरे, तेज ठंड और कोल्ड वेव का असर है। इस वजह से न्यूनतम 4 डिग्री और अधिकारी तापमान 20 डिग्री से नीचे पहुंच गया है। बीती रात शहडोल के कल्याणपुर में पारा 3.8 डिग्री पहुंच गया। डिंडौरी में नर्मदा किनारे खड़ी गाड़ियों पर सुबह-सुबह ओस की परत जम गई। पचमढ़ी झील पर भी आज सुबह हल्की धुंध दिखाई दी। पचमढ़ी, शाजापुर, रायसेन समेत कई जिलों में भी सोमवार सुबह ओस जमी दिखी। वहीं, मंगलवार सुबह उत्तरी हिस्से में कोहरा होने से भोपाल, इंदौर और उज्जैन आने वाली कई ट्रेनें लेट हैं। तेज ठंड के चलते 31 दिसंबर से 4 जनवरी तक स्कूलों में विंटर वेकेशन रहेंगे। इस दौरान पूरे प्रदेश के सभी UKG से लेकर 12वीं तक के स्कूल बंद रहेंगे। स्कूल शिक्षा विभाग ने भी विंटर वेकेशन के आदेश जारी किए हैं। देखिए सर्दी की दो तस्वीरें… मौसम विभाग की मानें तो जेट स्ट्रीम की रफ्तार 287 Kmph पहुंच गई है। इस वजह से प्रदेश के कई शहर दिन-रात कांप रहे हैं। बीते 24 घंटे में भोपाल, राजगढ़, इंदौर और शहडोल में शीतलहर का असर देखा गया। मंगलवार को भी सर्द हवाओं का असर बना रहेगा। ग्वालियर, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, भोपाल, शाजापुर, रायसेन, विदिशा समेत कई जिलों में कोहरे का असर रहा। इस वजह से दिल्ली से आ रही ट्रेनें 4 से 5 घंटे तक लेट है। 25 शहरों में 10 डिग्री से नीचे तापमान
इधर, रात के तापमान में भी गिरावट हुई है। मौसम विभाग के अनुसार, रविवार-सोमवार की रात में भोपाल में 5.6 डिग्री, इंदौर में 6.4 डिग्री, ग्वालियर में 9 डिग्री, जबलपुर में 8 डिग्री और उज्जैन में पारा 9.5 डिग्री रहा। इसी तरह कल्याणपुर के बाद राजगढ़ प्रदेश का दूसरा सबसे ठंडा रहा। यहां तापमान 4 डिग्री पहुंच गया। छतरपुर के नौगांव-उमरिया में 5 डिग्री, पचमढ़ी में 5.2 डिग्री, मलाजखंड में 5.3 डिग्री, मंडला में 5.8 डिग्री, खजुराहो-शिवपुरी में 6 डिग्री, रायसेन में 6.4 डिग्री, दमोह में 6.8 डिग्री, छिंदवाड़ा में 8 डिग्री, टीकमगढ़ में 8.5 डिग्री, दतिया-गुना में 8.6 डिग्री, बैतूल में 8.7 डिग्री, बैतूल, खरगोन, रीवा-रतलाम में 9 डिग्री, सागर में 9.4 डिग्री, सीधी और सतना में 9.7 डिग्री दर्ज किया गया। ग्वालियर में पारा 15.9 डिग्री, एक दिन में 7 डिग्री लुढ़का
इधर, सोमवार को दिन में भी ठंड का दौर बना रहा। ग्वालियर में तो एक ही दिन में तापमान 7 डिग्री लुढ़ककर 15.9 डिग्री पर आ गया। वहीं, नौगांव में 19.5 डिग्री, खजुराहो में 20.1 डिग्री, रीवा में 20.2 डिग्री, टीकमगढ़ में 21 डिग्री, सतना, मलाजखंड-सीधी में 21.2 डिग्री, दमोह में 22.6 डिग्री, नरसिंहपुर में 23 डिग्री रहा। दूसरी ओर, जबलपुर में 24.8 डिग्री, भोपाल में 27.2 डिग्री, इंदौर में 28.1 डिग्री, उज्जैन में 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। लोगों के लिए यह अलर्ट…. नवंबर-दिसंबर में रिकॉर्ड तोड़ चुकी है सर्दी
इस बार नवंबर के बाद दिसंबर में भी सर्दी रिकॉर्ड तोड़ चुकी है। नवंबर में भोपाल में लगातार 15 दिन तक शीतलहर चली। रिकॉर्ड के अनुसार, साल 1931 के बाद शीतलहर के यह सबसे ज्यादा दिन है। दूसरी ओर, 17 नवंबर की रात में पारा 5.2 डिग्री तक पहुंच गया, जो ओवरऑल रिकॉर्ड भी रहा। इससे पहले 30 नवंबर 1941 में तापमान 6.1 डिग्री रहा था। इंदौर में भी पारा 6.4 डिग्री ही रहा। यहां भी सीजन की सबसे सर्द रात रही। 25 साल में पहली बार पारा इतना लुढ़का। दूसरी ओर, दिसंबर में इंदौर में पारा सबसे कम रहा। भोपाल में भी यह 5 डिग्री से नीचे पहुंच चुका है। ठंड के लिए दिसंबर-जनवरी खास
मौसम विभाग के अनुसार, जिस तरह मानसून के चार महीने (जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर) में से दो महीने जुलाई-अगस्त महत्वपूर्ण रहते हैं और इन्हीं में 60 प्रतिशत या इससे अधिक बारिश हो जाती है, ठीक उसी तरह दिसंबर और जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है। इन्हीं दो महीने में प्रदेश में उत्तर भारत से सर्द हवाएं ज्यादा आती हैं। इसलिए टेम्प्रेचर में अच्छी-खासी गिरावट आती है। सर्द हवाएं भी चलती हैं। पिछले 10 साल के आंकड़े यही ट्रेंड बताते हैं। वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के एक्टिव होने से दिसंबर में मावठा भी गिरता है। इससे दिन में भी सर्दी का असर बढ़ जाता है। अब जानिए दिसंबर में कैसी रहती है ठंड? मौसम का ट्रेंड देखें तो दिसंबर में स्ट्रॉन्ग वेस्टर्न डिस्टरबेंस आते हैं। वहीं, उत्तरी हवाएं आने से दिन-रात के तापमान में गिरावट होती है। इस बार भी यही हो रहा है। शुरुआत से अब तक कई वेस्टर्न डिस्टरबेंस उत्तर भारत को प्रभावित कर चुके हैं। इस वजह से एमपी में कड़ाके की ठंड के साथ शीतलहर का असर है। इन जिलों में सबसे ज्यादा सर्दी MP के 5 बड़े शहरों में दिसंबर में ऐसा ट्रेंड भोपाल में 3.1 डिग्री रिकॉर्ड हो चुका टेम्प्रेचर
भोपाल में दिन-रात ठंड और बारिश का ट्रेंड रहा है। 10 में से पिछले 5 साल से भोपाल दिसंबर में भीग रहा है। आधा से पौन इंच तक बारिश हो गई। हालांकि, इस बार अब तक बारिश नहीं हुई है। दिसंबर में ठंड की बात करें तो 11 दिसंबर 1966 की रात में पारा 3.1 डिग्री पहुंच गया था। यह अब तक का ओवरऑल रिकॉर्ड है। 3 साल पहले 2021 में पारा 3.4 डिग्री पहुंच चुका है। इंदौर में 5 से 8 डिग्री के बीच रहा है पारा
इंदौर में दिसंबर में रात का तापमान 5 से 8 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है। पिछले साल तापमान 8.6 डिग्री तक पहुंच गया था। 10 साल के आंकड़ों पर नजर डालें तो दिन में पारा 28 से 31 डिग्री के बीच ही रहता है। इस महीने इंदौर में बारिश भी होती है। पिछले 4 साल से बारिश हो रही है। हालांकि, इस बार अब तक बारिश नहीं हुई है। 31 दिसंबर 2015 को दिन का सर्वाधिक तापमान 33 डिग्री दर्ज किया गया था। 27 दिसंबर 1936 की रात में टेम्प्रेचर 1.1 डिग्री रहा था। सर्वाधिक कुल मासिक बारिश वर्ष 1967 को 108.5 मिमी यानी 4.2 इंच हुई थी। 24 घंटे में सर्वाधिक 53 मिमी यानी 2.1 इंच बारिश 17 दिसंबर 2009 को हुई थी। ग्वालियर में सबसे ज्यादा सर्दी, इस बार कोहरे का असर
ग्वालियर में दिन में गर्मी तो रात में ठंड रहती है। पिछले 10 साल में यहां अधिकतम तापमान 26.2 से 31.6 डिग्री तक रह चुका है। वहीं, रात में पारा 1.8 से 6.9 डिग्री दर्ज किया गया। इस बार तेज ठंड है। साथ ही घना कोहरा भी छा रहा है। 6 दिसंबर 2006 को दिन का तापमान 32.1 डिग्री सेल्सियस पहुंच चुका है। 26 दिसंबर 1961 को न्यूनतम तापमान 0.4 डिग्री पहुंचा था। वर्ष 1997 में कुल मासिक बारिश 106.6 मिमी यानी 4.1 इंच हुई थी। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश 13 दिसंबर 2013 को 32.1 मिमी यानी 1.2 इंच हुई थी। जबलपुर में तेज रहता है सर्दी का असर
जबलपुर में 28 दिसंबर 1960 को दिन का तापमान 33.2 डिग्री पहुंच चुका है। 28 दिसंबर 1902 की रात में तापमान 0.6 डिग्री रहा था। यह ओवरऑल रिकॉर्ड है। वर्ष 1885 में सर्वाधिक मासिक बारिश 125 मिमी यानी 4.9 इंच हुई थी। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश का रिकॉर्ड 68.1 मिमी यानी 2.6 इंच 16 दिसंबर 1885 का है। इस बार भी कड़ाके की ठंड का दौर है। बारिश नहीं हुई है। उज्जैन में भी कड़ाके की ठंड
उज्जैन में दिन का औसत तापमान 28.2 डिग्री और रात में 9.4 डिग्री सेल्सियस है। इस महीने औसत 4.6 मिमी बारिश होती है। पिछले पांच साल से उज्जैन में दिसंबर में बारिश हो रही है, लेकिन अबकी बार एक भी दिन बारिश नहीं हुई है। 18 दिसंबर 2002 को दिन में टेम्प्रेचर 34.9 डिग्री पहुंच चुका है। यह ओवरऑल रिकॉर्ड है। 28 दिसंबर 1968 और 29 दिसंबर 1983 को रात में पारा 0.5 डिग्री पहुंच चुका है। वर्ष 1997 में कुल मासिक बारिश 119.4 मिमी यानी 4.7 इंच बारिश हो चुकी है। 24 घंटे में सर्वाधिक बारिश की बात करें तो 11 दिसंबर 1967 को 35.3 मिमी यानी 1.3 इंच बारिश हुई थी।