हरियाणा में बजट सेशन से पहले MLA की ट्रेनिंग:विधानसभा सत्र में बिहेव को देखकर फैसला; स्पीकर को कई शिकायतें मिली

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हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र से पहले विधायकों को ट्रेनिंग कराई जाएगी। ये फैसला विधानसभा स्पीकर हरविंद्र कल्याण ने किया। सदन में विधायकों को ये बताया जाएगा कि उन्हें कैसे बिहेव करना है। दरअसल, विधानसभा के विंटर सेशन के दौरान विपक्षी दलों के वॉकआउट, वेल में विधायकों का बैठना, बिना परमिशन के ही सदन में टोकाटाकी से सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायकों ने स्पीकर से शिकायत की है। कहा गया है कि ये सदन की परंपरा के खिलाफ है। यदि सदन में इस तरह की घटनाएं होंगी तो आम लोगों में इसका अच्छा मैसेज नहीं जाएगा। इसके बाद सदन में सेशन की समाप्ति पर स्पीकर हरविंद्र कल्याण ने खुद इसकी घोषणा की। ट्रेनिंग दिए जाने की 3 वजहें… 1. विधायकों ने स्पीकर से की मांग हरियाणा विधानसभा में कार्य संचालन को लेकर विधायकों के लिए ट्रेनिंग प्रोग्राम का आयोजन किया जाएगा। विधानसभा में स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव के अलावा अन्य विधायकों ने ये ट्रेनिंग का सुझाव स्पीकर हरविन्द्र कल्याण को दिया है। आरती राव ने कहा कि वह जब विधानसभा में चुन कर आई तो कहा गया कि 40 विधायक नये हैं। विधानसभा में कार्य करने को लेकर उनका ट्रेनिंग प्रोग्राम किया जाए। 2. सीट से विधायकों ने की टोकाटाकी हरियाणा विधानसभा के विंटर सेशन के दौरान कई ऐसे मामले आए जो सदन की परंपरा के अनुरूप नहीं थे। सदन में कई बार ऐसी स्थिति आई जब मंत्री सवालों के जवाब दे रहे थे तो कई सीनियर विधायकों ने अपनी सीटों से ही टोका टाकी शुरू कर दी, जिससे सदन में असहज माहौल बन गया। इससे कई बार स्पीकर को खड़े होकर शांत कराना पड़ा। 3. 45% के करीब नए विधायक विधायकों की ट्रेनिंग की सबसे बड़ी वजह यह है कि इस बार 15वीं विधानसभा में 40 ऐसे विधायक हैं, जो नए हैं। सदन में कैसे बिहेव करना है अभी इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। ऐसे में स्पीकर के अलावा सत्ता पक्ष के साथ ही विपक्ष के विधायकों ने ऐसे विधायकों को ट्रेनिंग की जरूरत बताई है। जिसके बाद स्पीकर ने भी तय किया है कि फरवरी-मार्च में प्रस्तावित बजट सेशन में विधायकों के लिए स्पेशल ट्रेनिंग कैंप लगवाएंगे। कर्मचारी-अधिकारियों की हो चुकी ट्रेनिंग हरियाणा विधान सभा के कर्मचारियों के लिए एक खास ट्रेनिंग कराई जा चुकी है। लोक सभा सचिवालय और हरियाणा विधान सभा सचिवालय मिलकर ये ट्रेनिंग की है। यह ट्रेनिंग 26 और 27 सितंबर को आयोजित की जा चुकी है। इसमें कर्मचारियों को कानून बनाने के बारे में सिखाया गया। इसका मतलब है कि उन्हें कानून को सही तरीके से लिखना सिखाया गया।