रोहतक के गांव रिटौली में अंकित उर्फ बाबा व हिमांशु भाऊ के बीच कार विवाद से शुरू हुआ दुश्मनी का सिलसिला गैंगवार में कब बदल गया, किसी को पता ही नहीं चला। एक समय दोनों अच्छे दोस्त थे, लेकिन आज एक दूसरे के खून के प्यासे नजर आ रहे है। पिछले 5 साल में दोनों तरफ से दो-दो लोगों की हत्या हो चुकी है। हिमांशु भाऊ व अंकित उर्फ बाबा के बीच 2019 में दुश्मनी उस समय शुरू हुई, जब गांव रिटौली के रहने वाले हंसराज उर्फ हंसे (अंकित गैंग के सदस्य) ने एक प्राइवेट बस खरीदी थी। बस को रुट पर चलाने के दौरान अक्सर विवाद होता था। हंसे ने विवाद से निपटने के लिए हिमांशु भाऊ से सुरक्षा मांगी, ताकि रूट पर उनकी बस में युवाओं के झगड़े होने से बच सके। सुरक्षा मांगने पर हिमांशु भाऊ के साथी बस के साथ जाने लगे। इस बीच भाऊ ने हंसे से कहा कि बस तेज चलती है। बाइक से सुरक्षा नहीं हो सकती, कार दिलवा दो। हंसे ने कार खरीद कर दे दी। कार को खरीदते वक्त लोन लिया था। जिसमें गांव के रहने वाले अंकित उर्फ बाबा के परिवार से दस्तावेज लगवाए गए। जबकि कार हिमांशु के साथियों के पास थी। हिमांशु भाऊ से कार वापस मांगी तो शुरू हो गई दुश्मनी हंसराज उर्फ हंसे ने कुछ समय बाद कार के लोन की किश्त भरनी बंद कर दी। बैंक कर्मचारी जब अंकित के घर कर्जा मांगने पहुंचे तो हिमांशु भाऊ पक्ष से अंकित के परिजनों ने कार मांगी। भाऊ पक्ष ने कार वापस करने से इनकार कर दिया। इसी बात को लेकर दोनों पक्षों के बीच रंजिश बढ़ती गई और बात वर्चस्व की लड़ाई पर आ गई। गैंगवार में हिमांशु के चचेरे भाई की अंकित गैंग ने की हत्या एक ही गांव और जिला में सक्रिय होने के कारण दोनों गैंग के बीच टकराव बढ़ने लगा। 2 मार्च 2022 में पहली बार अंकित गैंग ने हिमांशु के चाचा अशोक उर्फ शौकी के’बेटे रोहित उर्फ बजरंग की हत्या कर दी। वारदात करके भाग रहे आरोपियों को गांव के राजेंद्र उर्फ माडू ने पकड़ने का प्रयास किया तो उसकी भी गोली मारकर हत्या कर दी। इसी मामले में अंकित उर्फ बाबा व सन्नी को उनके साथियों के साथ पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। हिमांशु भाऊ ने चाचा के बेटे की मौत का लिया बदला चचेरे भाई की हत्या से हिमांशु के अंदर बदले की आग सुलगने लगी। हत्या के 5 दिन बाद ही 7 मार्च 2022 को हिमांशु गैंग ने बाबा गैंग के सदस्य हंसे की गांव के बस अड्डे पर बस में घुसकर हत्या कर दी। इसके बाद हिमांशु ने भाऊ नाम से अपराध की दुनिया में पैर जमा लिए और कई वारदात करने के बाद विदेश भाग गया। उधर, अंकित बाबा और उसका भाई सन्नी ने भी जेल से ही अपने अपराध के कारोबार को ऑपरेट करना शुरू कर दिया। गैंगवार में 1 जून को हुई चौथी हत्या दोनों गैंग की रंजिश में चौथी हत्या अंकित उर्फ बाबा के चाचा अनिल की हुई। अनिल जमानत पर बाहर आया था। हिमांशु भाऊ के इशारे पर उसकी हत्या की गई। दोनों गैंग के बीच 4 हत्याएं हो चुकी हैं। 2 लोगों की हत्या हिमांशु भाऊ की तरफ से और 2 लोगों का मर्डर अंकित उर्फ बाबा गैंग के लोगों का हो चुका है। 2016 में अंकित पर दर्ज हुआ पहला केस पुलिस के अनुसार अंकित उर्फ बाबा पर 2016 में पहली बार मारपीट, धमकी व एससी-एसटी एक्ट में केस दर्ज हुआ। जमानत पर आने के बाद 2018 में मारपीट व धमकी का केस दर्ज हुआ। 2022 में हत्या का केस दर्ज हुआ। इसके बाद 2023 में उसे पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। तब से वह जेल में बंद है। उसके ऊपर 15 से अधिक केस दर्ज है। अंकित के भाई सन्नी के खिलाफ पहली बार झज्जर के सदर थाने में 2021 में मारपीट व धमकी का केस दर्ज हुआ। इसके बाद दिसंबर 2021 में बेरी थाने में जानलेवा हमला और मार्च 2022 में शिवाजी कॉलोनी थाने में हत्या का केस दर्ज हुआ था। सन्नी पर 12 मामले दर्ज है, जिसमें हत्या, हत्या का प्रयास, अवैध हथियार रखने, स्नैचिंग, लड़ाई झगड़ा व संगठित अपराध शामिल है। हिमांशु भाऊ पर 20 से अधिक केस दर्ज हिमांशु भाऊ 2022 में विदेश भाग गया। हिमांशु भाऊ और उसके गिरोह पर हत्या, धोखाधड़ी, लूट, फिरौती के 20 से ज्यादा केस दर्ज हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार हिमांशु भाऊ पर 10 केस रोहतक जिले में दर्ज हैं, जबकि 7 केस झज्जर जिले में दर्ज हैं। वहीं एक केस उत्तरी दिल्ली में दर्ज है। भाऊ नीरज बवाना व नवीन बाली गैंग से जुड़ा हुआ है। हिमांशु भाऊ के खिलाफ 2023 में इंटरपोल ने रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया। भाऊ पर हरियाणा पुलिस ने डेढ़ लाख व दिल्ली पुलिस ने एक लाख रुपए इनाम घोषित कर रखा है। बताया जा रहा है कि हिमांशु भाऊ अप्रैल में रोहतक आया था, लेकिन पुलिस की आंखों में धुल झोंककर वापस अमेरिका भागने में कामयाब हो गया। अब अमेरिका में बैठकर ही दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा में कारोबारियों से वसूली करवा रहा है।
रोहतक में कार के विवाद से शुरू हुआ गैंगवार:रिटौली में 2 गुटों में बंटे युवक; अंकित जेल में बंद, हिमांशु अमेरिका में बैठा
