कार्यक्रम में प्रदेश के कई जिलों से आए छात्र प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
इस अवसर पर फादर बिसू बेंजामिन आईज, अधिवक्ता असित कुमार पात्र, शिक्षक रवि कश्यप, शिक्षक शिवू नायक, केंद्रीय परिषद के कोषाध्यक्ष समसुल आलम, सामाजिक कार्यकर्ता एवं पूर्व छात्र नेता श्रीमंत बारीक, प्रदेश अध्यक्ष समर महतो और प्रदेश सचिव सोहन महतो मुख्य रूप से उपस्थित थे। कार्यक्रम की अध्यक्षता केंद्रीय परिषद के इंटरनेशनल अफेयर सेक्रेटरी एवं मुख्य वक्ता मणिशंकर पटनायक ने की। पटनायक ने बिरसा मुंडा के जीवन संघर्ष, उलगुलान की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और वर्तमान समय में उनकी प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज भी जल, जंगल, जमीन की रक्षा और शोषण के खिलाफ संघर्ष जारी है। ऐसे में छात्र-नौजवानों को बिरसा मुंडा के आदर्शों पर संगठित होकर समाज परिवर्तन की दिशा में आगे बढ़ने की जरूरत है। प्रदेश सचिव सोहन महतो ने बताया कि पिछले एक वर्ष से संगठन ने राज्य के स्कूल-कॉलेज व गांवों में बिरसा मुंडा के जीवन संघर्ष को लेकर जागरूकता अभियान चलाया। खूंटी का यह कार्यक्रम इस अभियान का समापन था।
कार्यक्रम को सफल बनाने में जिला इंचार्ज सुबोध कुमार महली, अनीशा केथरीन कुजूर, कमल मुंडा, सुजाता पूर्ति, प्रीति होरो, अंकित कंडुलना आदि ने योगदान दिया।
