उदयपुर, 27 अक्टूबर । बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में बने चक्रवातीय दबाव के असर से उदयपुर संभाग में सोमवार को दिनभर बारिश का दौर जारी रहा। रविवार रात से शुरू हुई रिमझिम बारिश ने सोमवार सुबह ठंडक घोल दी। सुबह सवा दस बजे के बाद फिर से बारिश का क्रम शुरू हुआ, जो शाम तक रुक-रुककर चलता रहा। पूरे दिन सूरज बादलों में छिपा रहा और हल्की हवाओं ने सर्दी का अहसास बढ़ा दिया।
उदयपुर शहर और आसपास के कैचमेंट क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश से जलस्तर बढ़ने पर उदयसागर बांध के दो गेट 6-6 इंच तक खोल दिए गए। बांध से छोड़ा गया पानी नदी के जरिए वल्लभनगर बांध में प्रवाहित हो रहा है।
बारिश के चलते प्रशासन और जल संसाधन विभाग अलर्ट मोड पर हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में भी बारिश ने जनजीवन प्रभावित किया। मावली, घासा, कानोदर, कुड़ी, बेदला, और झाड़ोल क्षेत्र में रात तीन बजे से तेज बारिश का सिलसिला शुरू हुआ, जिससे कई खेतों में पानी भर गया। कटाई के बाद खेतों में पड़ी मक्का और ज्वार की फसलें भीग जाने से किसानों को लाखों रुपए का नुकसान हुआ है। कई जगह खेतों में रखी घास भी सड़ने की स्थिति में पहुंच गई।
किसानों का कहना है कि बरसात फसलों के लिए इस समय नुकसानदेह है क्योंकि कटाई का काम लगभग पूरा हो चुका है।
उधर, मौसम विभाग ने उदयपुर संभाग के उदयपुर, डूंगरपुर, प्रतापगढ़ और चित्तौड़गढ़ जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार, सोमवार और मंगलवार को कई इलाकों में मध्यम से भारी बारिश की संभावना है। बारिश से तापमान में करीब 4 से 5 डिग्री तक की गिरावट दर्ज की गई है। लगातार हो रही बारिश ने जहां मौसम को सुहावना बना दिया, वहीं किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें भी खींच दी हैं।
