मुख्यमंत्री ने कहा कि इन योजनाओं से शिक्षा, पेयजल, स्वास्थ्य, कानून व्यवस्था, पर्यटन और बुनियादी ढांचे को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने कहा कि सीमांत क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास के लिए सरकार निरंतर काम कर रही है, ताकि जनता को मूलभूत सुविधाएं सुलभ हो सकें।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने नौ विकास योजनाओं का लोकार्पण किया। इनमें 45 लाख रुपये की लागत से बने मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय भवन का उद्घाटन प्रमुख रहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह भवन जनता की समस्याओं के समाधान का केंद्र बनेगा। इसके अलावा राजकीय प्राथमिक विद्यालय और जूनियर हाई स्कूल फागपुर को स्मार्ट कक्षाओं में परिवर्तित किया गया है। राजकीय प्राथमिक विद्यालय भजनपुर का पुनर्निर्माण, डेविड पेंटर स्कूल गुदमी में दो कक्षाओं का निर्माण, भैंसियाखाल और बिचाई पंपिंग पेयजल योजनाएं, कोतवाली टनकपुर में सिटी कंट्रोल रूम की स्थापना, पर्यटक आवास गृह का उच्चीकरण और टनकपुर-पाटनी तिराहा सड़क की मरम्मत जैसी योजनाएं शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने छह नई योजनाओं का शिलान्यास भी किया। इनमें राजकीय महाविद्यालय टनकपुर में परीक्षा हॉल निर्माण, लादीगाड़ श्री पूर्णागिरी और ठुलीगाड़, बाबलीगाड़ पंपिंग पेयजल योजनाएं, ग्राम खिरद्वारी में जनजातीय बहुउद्देशीय भवन, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बनबसा में ब्लॉक पब्लिक हेल्थ यूनिट तथा ग्राम चुका में यात्रियों के लिए शेड निर्माण शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने रीप परियोजना के अंतर्गत प्रेरणा स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को पांच ई-रिक्शा भेंट कर उन्हें खुशियों की चाबी सौंपी। उन्होंने कहा कि यह पहल महिलाओं की आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम है। सरकार का लक्ष्य महिलाओं को सहायता प्राप्तकर्ता नहीं, बल्कि सशक्त उद्यमी बनाना है।
कार्यक्रम में दर्जा राज्य मंत्री श्याम नारायण पांडे, भाजपा जिला अध्यक्ष गोविंद सामंत, प्रदेश महामंत्री मुकेश कलखुड़िया, जिला पंचायत अध्यक्ष आनंद अधिकारी, ब्लॉक प्रमुख अंचला बोहरा, जिला प्रशासन के अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
