उन्होंने कहा कि सिमडेगा जिला प्रशासन ने चर्च की सुरक्षा को लेकर जो बैठक की, वह संवैधानिक और आवश्यक कदम है। किसी भी धार्मिक स्थल चर्च, मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारा या सरना-मसना स्थल की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन का दायित्व है।
मुंजनी ने कहा कि इसे मतांतरण संरक्षण कहना ईसाई समुदाय के प्रति संदेह पैदा करने और नफरत फैलाने की सोची-समझी कोशिश है। उन्होंने कहा कि चर्च की सुरक्षा भी उतनी ही महत्वपूर्ण है जितनी सरना, मसना, हड़गड़ी, मांझी थान, मंदिर, मस्जिद और गुरुद्वारों की सुरक्षा जरूरी है। मुंजनी ने कहा कि सुरक्षा के सवाल को सांप्रदायिक रंग देना अत्यंत निंदनीय है।
इंडिया गठबंधन सरकार हर धार्मिक स्थल की सुरक्षा के पक्ष में है। इसलिए भाजपा को इसे तोड़-मरोड़कर पेश नहीं करना चाहिए।
