उन्होंने कहा कि किसानों की मांग वाजिब है कि नहीं, क्योंकि अगर गैर वाजिब मांग है तब तो बात अलग है, जिस प्रकार से रवि मीणा ने मुझे समझाया है, मुझे गैरवाजिब मांग तो नहीं लगती है। अब इसमें दो बातें हैं एक तो यह कि, हमारी जो मांग है उसको वह स्वीकार करले और आठ गांवों के लगभग 350 परिवारों का सवाल है उनको बचाने के लिए थोड़ा बहुत पैसा और लगेगा तो इसमें किसी को ऐतराज नहीं होना चाहिए। दूसरी बात यह है कि मुआवजे की राशि सन 2013 में यूपीए सरकार ने तय किया था कि, 2013 के अधिनियम में यह था कि नंबर एक जो कलेक्टर रेट है। वह कलेक्टर रेट के आधार पर जहां ग्रामीण क्षेत्र है वहां चार गुना और शहरी क्षेत्र में दो गुना मुआवजा दिया जाएगा।
किसानों से चर्चा के दौरान दिग्विजय सिंह द्वारा आंदोलन कर रहे तीनों किसानों से पहले तो अनुरोध पूर्वक कहा कि, आप अपना अनशन समाप्त कर लें, किसानों द्वारा अनशन समाप्त नहीं करने पर उनसे अनशन के दौरान नींबू, शहद और ग्लूकोज लेने का आग्रह किया तथा उन्हें अपने स्वास्थ्य का पूरा ध्यान रखने की बात कहते हुए प्रतिदिन चेकअप करने का सुझाव दिया। उन्होंने किसानों को प्रणाम करते हुए कहा कि, में आपकी इस लड़ाई में, मैं आपके साथ हूं किसानों के लिए मुझसे जो बन सकेगा वह पूरी मदद करूंगा। दिग्विजय सिंह द्वारा धरना आंदोलन कर रही महिलाओं से भी मुलाकात कर चर्चा की।
