मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश न्यूजीलैंड की उन्नत बागवानी विधियों, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और किसानों के प्रशिक्षण से लाभान्वित हो सकता है। इस सहयोग से उत्पादन बढ़ेगा, फसल उपरान्त प्रबंधन सुदृढ़ होगा और अन्तरराष्ट्रीय गुणवत्ता मानकों को पूरा कर हिमाचल के उत्पादों की वैश्विक प्रतिस्पर्धा क्षमता बढ़ेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि न्यूजीलैंड के विशेषज्ञ उच्च घनत्व बागवानी, बगीचों का प्रबंधन, कीट एवं रोग नियंत्रण, भंडारण और विपणन रणनीतियों जैसे क्षेत्रों में प्रदेश का मार्गदर्शन कर सकते हैं। इससे न केवल उत्पादन और गुणवत्ता में सुधार होगा बल्कि हिमाचल की बागवानी आधारित अर्थव्यव्स्था को भी बल मिलेगा।
सुक्खू ने कहा कि यूनिवर्सल कार्टन की शुरुआत से बागवानों को सेब के बेहतर दाम मिल रहे हैं। न्यूजिलैंड की विशेषज्ञता के सहयोग से प्रदेश आधुनिक, सतत और जलवायु अनुकूल तकनीकों को अपनाकर सेब और नाशपाती की खेती में एक नए युग की शुरुआत करेगा।
इस अवसर पर बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने अपने सुझाव साझा किए।
सचिव बागवानी सी.पालरासू, मुख्यमंत्री के सचिव राकेश कंवर, निदेशक बागवानी विनय सिंह, सीईओ एनजीएपीआई कैरेन मोरिश, प्रबंध निदेशक एप्लाइड रिसर्च एंड टेक्नोलोजिज़ डॉ. डेविड मैंकटेलो, गैरी जोन्स और डेनिएला एडसेड भी बैठक में उपस्थित थे।
