पानीपत जिले के गांव बिहोली में सोमवार(27 अप्रैल) को हुई हत्या के मामले में बुधवार को तीसरे दिन मृतक रणजीत का पोस्टमॉर्टम करवाया गया। बिहार से पानीपत पहुंची पत्नी अपने पति का लहूलुहान शव देखकर सिविल अस्पताल के शवगृह (मॉच्युरी हाउस) की दहलीज पर ही बेहोश हो गई। परिजनों ने किसी तरह उसे संभाला, लेकिन अस्पताल परिसर में चीख-पुकार मचने से माहौल गमगीन हो गया। मृतक रणजीत पिछले 12 वर्षों से पूर्व सरपंच जिले सिंह के खेतों में काम कर रहा था। उसके परिवार की बेहद खराब आर्थिक स्थिति को देखते हुए, पानीपत के जन सेवा दल ने मानवता की मिसाल पेश की है। परिजनों की सहमति से संस्था ने ही मृतक का अंतिम संस्कार सम्मानजनक तरीके से करने का जिम्मा उठाया है। खेत में बने कमरे में लहूलुहान मिला था शव प्राप्त जानकारी के अनुसार, रणजीत (35) निवासी पूर्णिया बिहार, गांव बिहोली के पूर्व सरपंच जिले सिंह के खेतों में करीब 12 साल से नौकरी करता था। वह अभी दो महीने पहले ही अपने गांव से वापस काम पर लौटा था। सोमवार सुबह रणजीत का शव बिहोली-बापौली रोड पर रतन के खेत में मिला। अज्ञात हमलावर ने तेजधार हथियार से उसका गला काटकर उसे मौत के घाट उतार दिया था। रिश्तेदार विनोद पर हत्या का अंदेशा पुलिस जांच में एक अहम कड़ी सामने आई है। पूर्व सरपंच जिले सिंह के भतीजे अमित ने करीब 15-20 दिन पहले ही विनोद नाम के एक नए नौकर को काम पर रखा था। विनोद, मृतक रणजीत का रिश्तेदार बताया जा रहा है और वह रणजीत के साथ ही खेत में बने कमरे में अपने परिवार सहित रह रहा था। साथ बैठकर शराब पीने का शक पुलिस को अंदेशा है कि रविवार रात दोनों ने साथ बैठकर शराब पी थी, जिसके बाद किसी बात को लेकर उनके बीच झगड़ा हुआ। इसी झगड़े में विनोद ने तेजधार हथियार से रणजीत की हत्या कर दी और मौके से फरार हो गया। विनोद की तलाश के लिए पुलिस टीमें रवाना कर दी गई हैं।
पानीपत में मॉच्युरी हाउस की दहलीज पर बेहोश हुई पत्नी:गला काटकर युवक की हत्या का मामला; तीसरे दिन हुआ शव का पोस्टमॉर्टम
