उत्तर प्रदेश के जनपद बांदा में अतर्रा कस्बे के तिलक नगर नरैनी रोड निवासी 69वर्षीय केशव चौरिहा किसानी करता था। उसने खेत में धान की फसल बोई थी। बेमौसम हुई बरसात से फसल बरबाद हो गई। शुक्रवार को दोपहर वह चारिहन पुरवा स्थित खेत देखने गया था। देखा तो खेत में खड़ी फसल पूरी तरह से चौपट हो गई। फसल देखने के बाद वह घर आया। बिना किसी से कुछ कहे कमरे के अंदर घुस गया। उसने ऊपर मंजिल में बने कमरे के अंदर पंखे के हुक पर अगौछा से फांसी लगाकर खुदकुशी कर लिया। कुछ देर बाद किसी काम से छत में गई बहू ने उसका शव फंदे पर लटकते देखा, तो चीख पड़ी शोर सुनकर परिवार के अन्य लोग मौके पर पहुंच गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
मृतक के पुत्र सुधीर ने बताया कि कुछ दिन पहले हुई बेमौसम बरसात के कारण खेत में लगी धान की फसल गिरकर बर्बाद हो गई है। तभी से वह परेशान थे। मृतक के पास किसान क्रेडिट कार्ड भी था। उन्होंने अतर्रा के कृषि विकास शाखा बैंक से 2,85,000 का कर्ज भी लिया था। इसके साथ ही उन्हें अपनी नातिन की शादी की तैयारी भी करनी थी, लेकिन लगातार बिगड़ते हालातों ने उन्हें गहरे तनाव में डाल दिया था।
परिजनों के मुताबिक,वे रोज खेत देखने जाते थे और लौटने पर बेहद हताश और चिंतित रहते थे। उनके दो पुत्र सुधीर कुमार और धीरेंद्र कुमार हैं।
कोतवाली प्रभारी निरीक्षक ऋषि देव सिंह ने बताया कि किसान सदमे में आने से फांसी लगाकर आत्महत्या किए जाने की जानकारी प्राप्त हुई है। मौके पर फोरेंसिक टीम ने पहुंच कर जांच पड़ताल की तथा पुलिस ने शव का पंचायत नामा भरकर कर पोस्टमार्टम के लिए बांदा मेडिकल कॉलेज भेजा गया है।
