विधानसभा सत्र में गूंजा थानेसर MLA से हाथापाई का मुद्दा:बजट सत्र की डेट लगी, कांग्रेस का सदन से वॉकआउट, अरोड़ा बोले- मुख्यमंत्री आरोपियों के साथ

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हरियाणा विधानसभा में चल रहे शीतकालीन सत्र में कुरुक्षेत्र के थानेसर से कांग्रेस MLA अशोक अरोड़ा के साथ हाथापाई का मामला तूल पकड़ गया। इस मामले की डेट आगे सरकाए जाने पर कांग्रेस ने सदन से वॉकआउट कर दिया। सदन में अगले बजट सत्र की डेट लगाने का प्रस्ताव पास किया गया। इससे कांग्रेस के विधायक नाराज हो गए। विधायक अशोक अरोड़ा ने तंज कसते हुए मामले को आगे बढ़ाने की बजाय खत्म करने की बात कही। इसे लेकर उन्होंने सीएम नायब सैनी पर हाथापाई करने वालों का पक्ष लेते हुए क्लीन चिट देने के आरोप लगाए। सदन में रखा प्रस्ताव सत्र के आखिर समय में विशेषाधिकार समिति यानी प्रिविलेज कमेटी ने MLA अशोक अरोड़ा के हाथापाई का मामला रखा। इसमें हरियाणा विधानसभा के स्पीकर हरविंद्र कल्याण ने बजट सत्र की पहली बैठक तक की डेट बढ़ाने का प्रस्ताव रखा। इस पर कांग्रेस ने हंगामा शुरू कर दिया। प्रस्ताव पास होते ही कांग्रेस विधायकों ने सदर से वॉकआउट कर दिया। सीएम पर क्लीनचिट देने का आरोप
उधर, विधायक अशोक अरोड़ा से फोन पर बातचीत की गई तो उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सैनी आरोपियों को क्लीन चिट दे चुके हैं। अब मुख्यमंत्री उन लोगों को कमेटी से भी क्लीन चिट दिलवा दें। यहां के बाद कुरुक्षेत्र से भी मामले को खत्म करवा दिया जाए। जब मुख्यमंत्री क्लीन चिट दे रहे हैं, तो मामले को आगे बढ़ाने की बजाय खत्म ही करवा दो। 16 सितंबर को बयान दर्ज करवाए उधर, पार्षद प्रतिनिधि नरेंद्र शर्मा निंदी ने बताया कि​ इस मामले को लेकर 16 सितंबर को वे अपने साथी टोनी मदान और सुरेश उर्फ कुक्कु सैनी कमेटी के सामने पेश हुए थे। कमेटी के सामने उनके बयान दर्ज हुए। उन्होंने कमेटी को पेन ड्राइव में सबूत दिए हैं। 12 अगस्त को दर्ज हुए EO के बयान इससे नगर परिषद थानेसर के EO राजेश कुमार ने कमेटी को अपने बयान दर्ज करवाए थे। कमेटी ने करीब 20 मिनट तक EO से सवाल-जवाब किए थे। इससे पहले 5 अगस्त को नरेंद्र शर्मा निंदी, टोनी मदान और सुरेश उर्फ कुक्कु सैनी भी कमेटी के सामने पेश हुए थे, मगर आज उनके बयान दर्ज नहीं हुए थे। अब जानिए क्या था मामला दरअसल, 23 मई को थानेसर नगर परिषद हाउस मीटिंग में कांग्रेस विधायक अशोक अरोड़ा और भाजपा पार्षद प्रतिनिधि के बीच हाथापाई हो गई थी। मीटिंग में बाहरी व्यक्ति, पार्षद प्रतिनिधि और मीडिया की एंट्री बैन थी। जैसे ही मीटिंग शुरू हुई तो कांग्रेस विधायक अशोक अरोड़ा ने भाजपा पार्षद प्रतिनिधि नरेंद्र शर्मा निंदी के मीटिंग में बैठने का विरोध जताया। इसे लेकर नरेंद्र शर्मा और अशोक अरोड़ा में कहासुनी हो गई। शर्मा ने कहा कि पहले हुई मीटिंगों में पार्षद प्रतिनिधि बैठते रहे हैं, इसलिए मैं बाहर नहीं जाऊंगा। इस पर अरोड़ा और शर्मा में तू-तड़ाक हो गई। दोनों अपनी-अपनी कुर्सियों से खड़े होकर दौड़े और हाथापाई शुरू हो गई। शोर सुनकर विधायक के गनमैन अंदर आए और अरोड़ा को छुड़ाया। पूर्व मंत्री के इशारे पर हुआ हमला – अरोड़ा घटना के बाद कांग्रेस विधायक अशोक अरोड़ा ने आरोप लगाया था कि पूर्व मंत्री सुभाष सुधा के इशारे पर मुझ पर हमला किया गया। मैंने पूर्व मंत्री सुभाष सुधा के 10 साल के कार्यकाल में नगर परिषद में हुए घोटाले का मामला ग्रीवेंस मीटिंग में उठाया था। सरकार से मांग करेंगे कि हाउस की बैठक पूरी सुरक्षा के बीच हो। साथ ही घोटाले की जांच किसी रिटायर्ड जज से कराई जाए। हमला प्री-प्लान था- अरोड़ा कांग्रेस विधायक अरोड़ा ने आरोप लगाया था कि मुझ पर हमला प्री-प्लान था। मेरे PSO ने अंदर आकर BJP के लोगों से मुझे छुड़ाया। इस मामले को लेकर SP और DC से मुलाकात कर शिकायत दी गई थी। उसके बाद अशोक अरोड़ा ने 3 जून को विधानसभा स्पीकर को शिकायत देकर कार्रवाई की गुहार लगाई थी।​​​​​​​ पार्षद प्रतिनिधि ने कांग्रेस MLA पर ही लगाए थे आरोप वार्ड नंबर-2 से पार्षद प्रवीण शर्मा के पति नरेंद्र शर्मा उर्फ निंदी ने कहा था कि मैं 5 में से 5 MC के इलेक्शन जीता हूं। अबकी बार इसने (अरोड़ा) मेरे मुकाबले में 3 कैंडिडेट खड़े किए। उन तीनों की जमानत जब्त हुई है। इस वजह से उसका मुंह सूखा पड़ा है।​​​​​​​ निंदी ने आगे कहा था कि इसके पीछे हमने जान तक दी, लड़ाइयां तक लड़ीं। ये कभी मेरा नहीं हो सका। ये मुझे कहने लगा कि पहले लाख रुपए देता था। मैंने उसे कहा कि अपने लड़के की कसम खा। फिर कहता कि 10 लाख देता था। ये खरीद लेगा मुझे। बिकना होता तो मैं कब का MC बना हुआ हूं, तभी बिक जाता। मुझे 25 लाख तक का लालच दिया – निंदी ​​​​​​​ निंदी ने कहा जब मैं BJP जॉइन कर रहा था तो लालच दिया कि 20 लाख ले ले, 25 लाख ले ले। ये भी नहीं, साल बाद दे दियो। अगर बिकना होता तो पीछे MC 15-15 लाख में बिके हैं, मैं भी बिक जाता। मुझसे बहुत बड़ी गलती हुई है कि मैं पार्षद होते हुए इस जैसे व्यक्ति के साथ चला हूं।