30 जुलाई को कोर्ट ने कोली और मनिंदर सिंह पंढेर को बरी करने के आदेश को चुनौती देने वाली 14 याचिकाओं को खारिज कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने पंढेर को सभी मामलों में बरी कर दिया था जबकि कोली एक लंबित मामले में जेल में बंद है। इस मामले में एक पीड़िता के पिता, सीबीआई और उत्तर प्रदेश सरकार ने इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने 16 अक्टूबर 2023 को सुरेंद्र कोली को बरी करने का आदेश दिया था। इसके पहले ट्रायल कोर्ट ने 28 सितंबर 2010 को सुरेंद्र कोली को मौत की सजा दी थी।
इस मामले में सुनवाई के दौरान सुरेंद्र कोली के वकील ने सुप्रीम कोर्ट में दलील देते हुए कहा था कि उसके खिलाफ साक्ष्य के नाम पर केवल कबूलनामा है जो उसकी पुलिस हिरासत के काफी दिन के बाद दर्ज कया गया था।
