गोंडा में बुधवार को सास की चिता सजाते समय एक युवक को मगरमच्छ खींच ले गया था। उसका शव 24 घंटे बाद सरयू नदी में उतराता मिला। युवक के भाई ने मौत के पीछे साजिश का आरोप लगाया है। उसका कहना है कि भाई ने लव मैरिज की थी। लड़की के परिवार वालों ने इसी का बदला लिया है। दीपक के शव का शुक्रवार दोपहर दो बजे के बाद पोस्टमॉर्टम हुआ। डॉक्टर आदित्य गौर ने बताया कि युवक की मौत गंभीर चोट लगने के कारण हुई थी। बॉडी के गले और पेट के पीछे 5 से 6 दांतों के निशान मिले हैं। इसके अलावा दाहिने हाथ को भी मगरमच्छ ने चबाने की कोशिश की थी, लेकिन वह उसे पूरी तरह नहीं चबा पाया। शुक्रवार शाम 6 बजे बड़े भाई संजय कुमार ने अयोध्या में दीपक के शव का अंतिम संस्कार किया। गोंडा के आपदा विशेषज्ञ ने बताया था कि मगरमच्छ छोटा था, तभी युवक को नहीं खा पाया। दैनिक भास्कर टीम जिला मुख्यालय से 35 किमी दूर डीहा गांव पहुंची। यहां मगरमच्छ के हमले में जान गंवाने वाले युवक के परिवार से बातचीत कर उनका दर्द जाना। पढ़िए ग्राउंड रिपोर्ट… सास के निधन पर ससुराल पहुंचा था दीपक नोएडा के परी चौक सिग्मा 2 के रहने वाले दीपक वर्मा (30) सास की मौत होने पर गोंडा आए थे। 6 साल पहले दीपक ने डीहा गांव की रहने वाली रेखा से लव मैरिज की थी। दीपक नोएडा में ही एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करते थे। दीपक और रेखा की एक 4 साल की बेटी निक्की है। रेखा के पिता लालचंद्र शर्मा की मौत हो चुकी है। मां उर्मिला (50) की मंगलवार को कैंसर के चलते मौत हो गई थी। रेखा की दो और बहनें और एक छोटा भाई राज है। बुधवार को सनौली मोहम्मदपुर उदयभान पाही के पास सरयू के किनारे अंतिम संस्कार की तैयारी चल रही थी। हाथ धुलने पहुंचे, तभी मगरमच्छ ने घसीटा दोपहर करीब 12 बजे नदी के किनारे सभी लोग पहुंचे। दीपक ने चिता सजाने के लिए नदी के किनारे खूंटा गाड़ना शुरू कर दिया। खूंटा गाड़ने के बाद वह हाथ धुलने के लिए नदी के किनारे पहुंचे। वह हाथ धुल ही रहे थे, तभी मगरमच्छ नदी से बाहर आया। उसने दीपक का सिर अपने जबड़े में भर लिया। ये देख लोग दीपक की ओर दौड़े और शोर मचाया, लेकिन तब तक मगरमच्छ उन्हें पानी में खींच ले गया। पहले भाई के आरोप पढ़िए… परिवार वालों ने मंदिर में शादी कराई थी दीपक के छोटे भाई बादल ने रुंधे गले से बताया कि हम लोग 5 भाई हैं। दीपक भैया दूसरे नंबर पर थे। पिता रामप्रकाश की कुछ समय पहले मौत हो गई थी। भैया ने 6 साल पहले भाभी से अफेयर की जानकारी दी थी। इसके बाद मंदिर में दोनों की शादी करवा दी गई थी। गुरुवार को हम लोग नोएडा से दो गाड़ियां बुक करके गोंडा पहुंचे थे। दोपहर 3 बजे तक भीषण गर्मी में परिवार वाले पोस्टमॉर्टम हाउस के बाहर बैठकर इंतजार करते रहे। अगर समय से भैया की बॉडी मिल गई होती तो अंतिम संस्कार में देरी न हुई होती। डेढ़ साल बाद अलग रहने लगा था दीपक बादल ने बताया कि शादी के डेढ़ साल तक हम सब लोग मां-पिता, भाई-भाभी साथ में रहते थे। उसके बाद कुछ मनमुटाव हो गया और दीपक ने घर से 3 किमी दूर एक किराए का मकान ले लिया। वहीं पर भाभी के साथ रहने लगे। कुछ टाइम बाद उनकी बेटी हुई। शादी के बाद भैया बस एक बार गोंडा आए थे। भाई ने साजिश का आरोप लगाते हुए कहा कि जो यहां का रहने वाला नहीं, उसे कैसे जानकारी होगी। यहां के रहने वाले लोग जानते थे कि उस एरिया में मगरमच्छ रहते हैं। फिर भी मेरे भाई को वहां भेज दिया। कोई अंतिम संस्कार में शामिल होने आया है तो क्या उससे काम करवाने लगोगे। इतने खतरनाक एरिया में क्यों जाने दिया दीपक के भाई बादल ने बताया- मैंने खुद नदी के पास जाकर वहां देखा, जहां भैया को मगरमच्छ ने घसीटा था। वह बहुत ही खतरनाक एरिया है। आसपास मौजूद लोगों ने बताया कि यहां 20-25 मगरमच्छ रहते हैं। दीपक भैया यहां अकेले आए थे। मुझे लगता है साजिश के तहत जान-बूझकर उन्हीं से यह सब करवाया गया। उनकी मौत के मामले की जांच होनी चाहिए। अब मां का दर्द, उन्हीं की जुबानी बहू का तो सब कुछ लुट गया दीपक की मां विमला देवी ने कहा कि मैं बहू रेखा से मिली थी। उसका रो-रोकर बुरा हाल है। वह चिल्ला-चिल्ला कर बेहोश हो जा रही है। क्या कहेगी वो, उसका तो सब कुछ चला गया। 24 घंटे हो गए हैं, हमें कुछ मदद नहीं मिली। सरकार को पैसा देना चाहिए न, ये तो मर्डर है। आपने मगरमच्छ छोड़ रखे हैं, किसी बाहरी व्यक्ति को क्या पता कि यहां क्या है। बेटे ने जब बहू के बारे में बताया था तो हमने उसकी मंदिर में शादी करवाई थी। वह गोंडा आते समय भी मुझसे मिला था। बता रहा था कि सास खत्म हो गई हैं। मेरे पास जो रुपए थे, वो मैंने दे दिए थे। 30 हजार रुपए में दो गाड़ी बुक करके गोंडा आए हैं। बच्ची तो अनाथ हो गई, मदद उसके नाम पर मिले सास विमला देवी ने कहा कि भविष्य में बहू क्या करेगी पता नहीं। बच्ची तो बेचारी अनाथ हो गई। उसे कौन पाल देगा। इसलिए सरकार से यही मांग है कि मदद का पैसा मेरी पोती के नाम पर दे। बादल के दादा ससुर बाबूलाल ने भी कहा कि मुआवजे की रकम दीपक की बेटी के नाम की जाए। जिससे उसका लालन-पालन हो सके। वहीं, उमरी बेगमगंज थानाध्यक्ष चंदन कुमार ने बताया- डॉक्टरों के मुताबिक, दीपक का शव कुछ हद तक सड़ चुका था। इसलिए देरी न करते हुए बॉडी परिजनों को सौंप दी गई। अयोध्या में अंतिम संस्कार के बाद पीड़ित परिवार ने बाकी का क्रिया-कर्म ग्रेटर नोएडा से करने की बात कही है। अफसर बोले- छोटा मगरमच्छ युवक को नहीं खा पाया जिला आपदा विशेषज्ञ राजेश कुमार श्रीवास्तव ने गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे शव बरामद होने की जानकारी दी थी। उन्होंने बताया था कि शव के दाहिने हाथ के कुछ हिस्से को काटकर मगरमच्छ ने खाने का प्रयास किया था। कंधे पर भी काटने की कोशिश की थी, लेकिन उसे भी नहीं खा पाया। दीपक के दाहिने कान के पास भी काटने के निशान मिले थे। संभवत: मगरमच्छ छोटा था, इसीलिए युवक को अपना निवाला नहीं बन पाया। लेकिन मगरमच्छ ही युवक को घसीटकर लेकर गया था, इसकी पुष्टि हुई है। दीपक के साथ आए लोगों ने उसे नदी में घसीटते हुए देखा था। ———————- यह खबर भी पढ़ें… MBA छात्रा की मौत में टीचर समेत 3 सस्पेंड:रात 2 बजे में गर्ल्स हॉस्टल में घुसा डायरेक्टर, छात्राएं बोलीं- हमें टॉर्चर किया जा रहा मेरठ की IIMT यूनिवर्सिटी में एमबीए छात्रा अनु गुप्ता की मौत मामले में छात्रावास निदेशक और 2 वार्डन को सस्पेंड कर दिया गया। तीनों ने छात्राओं से अभद्रता की थी। इसके साथ ही मामले की एक 13 सदस्यीय जांच समिति बनाई गई है। यह समिति अनु गुप्ता की मौत कैसे हुई? ये सुसाइड या हत्या? इसकी जांच करेगी। पढ़ें पूरी खबर…
‘भैया को मगरमच्छ से मरवाकर लव मैरिज का बदला लिया’:गोंडा में भाई बोला- ससुरालवालों ने हत्या की साजिश रची
